छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित माने जाने वाले दंतेवाड़ा जिले से आज एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने पूरे देश का दिल जीत लिया। क्रिकेट जगत के दिग्गज सचिन तेंदुलकर अपने पूरे परिवार के साथ अचानक छिंदनार गांव पहुंचे। क्रिकेट के भगवान को अपने सामने पाकर ग्रामीणों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा और पूरा इलाका उत्सव के माहौल में डूब गया।

बस्तरिया नृत्य और रस्साकशी का देसी अंदाज
दरअसल, सचिन के स्वागत के लिए ग्रामीणों ने कोई कसर नहीं छोड़ी। पारंपरिक बस्तरिया नृत्य और खूबसूरत रंगोली देखकर सचिन और उनका परिवार मंत्रमुग्ध हो गया। सूत्रों ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान सचिन ने प्रोटोकॉल किनारे रख दिया और गांव की छोटी बच्चियों के साथ रस्साकशी (Tug of War) का खेल खेला। इसके बाद वे वॉलीबॉल के मैदान में भी उतरे और बच्चों के साथ जमकर हाथ आजमाए।

सचिन के हाथों सम्मान पाकर झूम उठी नन्ही सुमन
ग्राउंड सूत्रों के अनुसार, इस दौरे का सबसे भावुक पल तब आया जब सचिन ने स्थानीय बच्ची सुमन यादव को अपने हाथों से पुरस्कार दिया। सुमन ने बताया, मुझे यकीन नहीं हो रहा कि सचिन सर हमारे साथ वॉलीबॉल खेल रहे थे। यह मेरी जिंदगी का सबसे बड़ा दिन है।
बस्तर में खेल क्रांति की शुरुआत, 25 मैदान तैयार
गौरतलब है कि सचिन का यह दौरा सिर्फ घूमने के लिए नहीं था। सचिन तेंदुलकर फाउंडेशन इस इलाके में खेलों को बढ़ावा देने के लिए बड़े स्तर पर काम कर रहा है। मिली जानकारी के अनुसार फाउंडेशन ने अब तक क्षेत्र में 25 खेल मैदानों का निर्माण पूरा कर लिया है। आने वाले समय में कई और आधुनिक मैदान तैयार किए जाएंगे। स्थानीय युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए विशेष कोचिंग की भी योजना है।
कड़े सुरक्षा घेरे में भगवान का दर्शन
दंतेवाड़ा पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। भारी संख्या में पुलिस बल तैनात था, लेकिन सचिन की सादगी ने सुरक्षा घेरे को भी फीका कर दिया। फाउंडेशन के कर्मचारियों ने बताया कि सचिन खुद बस्तर की संस्कृति को करीब से देखना चाहते थे।