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विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा में जुड़ेगा नया रस्म

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Trips N Trippers Editorial
Published on • Raipur, India
विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा में जुड़ेगा नया रस्म
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Quick Destination Logistics

Best Season October to March (Pleasant Central Indian Winter)
Nearest Transit Raipur Airport (RPR) & Jagdalpur Railway Station
Ideal Duration 4 Days / 3 Nights

बस्तर दशहरा में अब आगामी वर्ष से एक नया रस्म जुड़ेगा। बस्तर दशहरा में चलने वाले रथ के निर्माण के लिए लगने वाली लकडिय़ों की क्षतिपूर्ति के लिए अब हर वर्ष साल और बीजा के पौधे लगाने का कार्य करने के साथ ही इसे बस्तर दशहरा के अनिवार्य रस्म में जोड़ा जाएगा। यह घोषणा सांसद एवं बस्तर दशहरा समिति के अध्यक्ष दीपक बैज ने मारकेल में बस्तर दशहरा रथ निर्माण क्षतिपूर्ति पौधरोपण कार्यक्रम की। इस अवसर पर सांसद श्री दीपक बैज ने कहा कि बस्तर दशहरा सामाजिक समरसता के साथ अपने अनूठे रस्मों के कारण पूरे विश्व में प्रसिद्ध है। इस पर्व में चलने वाला रथ एक महत्वपूर्ण आकर्षण है। इस रथ के निर्माण के लिए बड़ी मात्रा में लकड़ी का उपयोग किया जाता है, जिसके लिए वृक्षों को काटने की आवश्यकता पड़ती है। बस्तर दशहरा का पर्व सदियों से आयोजित किया जा रहा है और यह आगे भी यह इसी भव्यता के साथ आयोजित होती रहे, इसके लिए हमें भविष्य में भी लकडिय़ों की आवश्यकता होगी। उन्होंने कहा कि बस्तर की हरियाली को बनाए रखने और बस्तर दशहरा के लिए लकडिय़ों की सतत आपूर्ति को सुनिश्चित करने के लिए अब प्रतिवर्ष साल और बीजा के पौधे लगाने का कार्य बस्तर दशहरा के रस्म के तौर पर आयोजित किया जाएगा। यह पर्व मानसून के दौरान हरियाली अमावश्या को प्रारंभ होने के कारण उसी दौरान पौधे लगाए जाएंगे, जिससे इनके जीवन की संभावना और अधिक बढ़ेगी।

सांसद श्री दीपक बैज ने कहा कि इसी स्थान पर पिछले वर्ष 360 पौधे लगाए गए थे, जिनमें मात्र 3 पौधे नष्ट हुए, जिनके स्थान पर नए पौधे लगा दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि साल के पौधरोपण में सफलता का प्रतिशत कम है, किन्तु यहां ग्रामवासियों के सहयोग से वन विभाग ने अत्यंत उल्लेखनीय कार्य किया और यहां 99 फीसदी से भी अधिक पौधे जीवित रहे।

बस्तर में साल का है विशेष महत्व
बस्तर को साल वनों का द्वीप कहा जाता है। यह प्रदेश का राजकीय वृक्ष है तथा बस्तर वासियों के लिए कल्पवृक्ष के समान है। साल का यह वृक्ष अपनी मजबूती के लिए प्रसिद्ध है, जो धूप, पानी जैसी मौसमी संकटों का सामना आसानी से कर लेता है। इसकी इन्हीं खुबियों के कारण रेल की पटरी बनाने  में  इसका उपयोग किया जाता था। बस्तर में साल सांस्कृतिक रूप से भी महत्वपूर्ण है।

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Frequently Asked Questions

What is the best time to visit विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा में जुड़ेगा नया रस्म? expand_more
The ideal time to explore विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा में जुड़ेगा नया रस्म in India is between October and March when Central India enjoys cool, pleasant daytime temperatures, making outdoor sightseeing and cultural trails very comfortable.
How do I reach विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा में जुड़ेगा नया रस्म from Raipur? expand_more
Raipur (Swami Vivekananda Airport - RPR) serves as the primary gateway. From Raipur, well-paved national and state highways connect directly via private cabs, luxury coaches, and regional trains.
Can Trips N Trippers arrange a customized guided tour for विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा में जुड़ेगा नया रस्म? expand_more
Yes, Trips N Trippers provides end-to-end bespoke itineraries including government-certified local guides, sanitized private vehicles, heritage homestays, and tribal craft workshops.
Are permits required for visiting विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा में जुड़ेगा नया रस्म? expand_more
Most open tourist destinations and cultural centers do not require special domestic permits. For restricted wildlife zones or interior tribal markets, our DMC handles all administrative clearances.
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