छत्तीसगढ़ पर्यटन विभाग के सचिव एस. भारतीदासन की समीक्षा बैठक
हैरिटेज और इको-टूरिज्म पर विशेष जोर
छत्तीसगढ़ में पर्यटन विकास को नई गति और वैश्विक पहचान देने की दिशा में पर्यटन विभाग के नवनियुक्त सचिव एस. भारतीदासन ने मंगलवार को मंत्रालय (महानदी भवन, नवा रायपुर) के मंथन हॉल में विभागीय योजनाओं और परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। सचिव के रूप में पदभार ग्रहण करने के बाद यह उनकी पहली विभागीय बैठक थी। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक विवेक आचार्य (IFS) सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने राज्य में संचालित पर्यटन परियोजनाओं, अधोसंरचना विकास, पर्यटन स्थलों के उन्नयन, पर्यटक सुविधाओं तथा प्रचार-प्रसार गतिविधियों का विस्तृत प्रस्तुतिकरण दिया।
पर्यटन केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था का आधार- सचिव
बैठक में सचिव एस. भारतीदासन ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक सौंदर्य, जैव विविधता, जनजातीय संस्कृति, ऐतिहासिक धरोहरों और धार्मिक आस्था स्थलों से समृद्ध राज्य है। पर्यटन केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं है, बल्कि यह स्थानीय रोजगार सृजन, संस्कृति के संरक्षण और ग्रामीण आर्थिक विकास का एक प्रभावी आधार है। इन विशेषताओं को योजनाबद्ध तरीके से विकसित कर छत्तीसगढ़ को देश के अग्रणी पर्यटन गंतव्यों में शामिल किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि विकास कार्य केवल निर्माण तक सीमित न रहें, बल्कि वहां आने वाले पर्यटकों को एक सुरक्षित, सहज और यादगार अनुभव मिले। इसके लिए स्वच्छता, सुरक्षा, सुगम आवागमन, साइनेज, गाइड सुविधा, स्थानीय खान-पान और डिजिटल इनफॉर्मेशन जैसी मूलभूत व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद किया जाए।
बैठक में लिए गए प्रमुख नीतिगत निर्णय और भावी कार्ययोजना
हैरिटेज टूरिज्म सर्किट और रॉयल एक्सपीरियंस- प्रदेश के ऐतिहासिक गढ़ों, महलों और पुरातात्विक स्थलों को पर्यटन के मुख्य आकर्षण के रूप में विकसित किया जाएगा। ऐतिहासिक स्थलों पर लाइट एंड साउंड शो, डिजिटल डिस्प्ले और पारंपरिक स्थापत्य कला का संरक्षण किया जाएगा, जिससे पर्यटकों को रॉयल एक्सपीरियंस कराया जा सके।
डिजिटल ब्रांडिंग और फिल्म टूरिज्म पर फोकस
आधुनिक दौर की मांग के अनुरूप राज्य के पर्यटन स्थलों की पेशेवर फोटोग्राफी, डॉक्यूमेंट्री निर्माण और सोशल मीडिया कैंपेन चलाए जाएंगे। इसके लिए ट्रैवल ब्लॉगर्स और सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स की सहभागिता बढ़ाई जाएगी। छत्तीसगढ़ में फिल्म टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए फिल्म शूटिंग को प्रोत्साहित किया जाएगा, जिससे स्थानीय लोककला और जनजातीय परंपराओं को वैश्विक मंच मिल सके।
सामुदायिक सहभागिता आधारित इको-टूरिज्म
वन क्षेत्रों, जलप्रपातों और प्राकृतिक स्थलों में सामुदायिक सहभागिता आधारित पर्यटन मॉडल विकसित किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में होम-स्टे संस्कृति को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे स्थानीय युवाओं और महिला स्व-सहायता समूहों की भागीदारी सुनिश्चित होगी, जिससे स्थानीय हस्तशिल्प एवं पारंपरिक व्यंजनों को सीधा बाजार मिलेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
समयबद्धता और गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं
समीक्षा बैठक में पर्यटन स्थलों तक बेहतर सड़क संपर्क, वे-फाइंडिंग सिस्टम, आधुनिक पर्यटक सहायता केंद्रों के विकास और परिवहन व्यवस्था पर भी विस्तार से चर्चा हुई। सचिव ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि सभी स्वीकृत परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण किया जाए और निर्माण की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता न हो। योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए विभागीय स्तर पर इसकी निरंतर और कड़ाई से मॉनिटरिंग की जाएगी।
इस समीक्षा बैठक में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के सभी शाखा प्रमुख, तकनीकी विशेषज्ञ और विभागीय अधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
Frequently Asked Questions
What is the best time to visit छत्तीसगढ़ पर्यटन विभाग के सचिव एस. भारतीदासन की समीक्षा बैठक? expand_more
How do I reach छत्तीसगढ़ पर्यटन विभाग के सचिव एस. भारतीदासन की समीक्षा बैठक from Raipur? expand_more
Can Trips N Trippers arrange a customized guided tour for छत्तीसगढ़ पर्यटन विभाग के सचिव एस. भारतीदासन की समीक्षा बैठक? expand_more
Are permits required for visiting छत्तीसगढ़ पर्यटन विभाग के सचिव एस. भारतीदासन की समीक्षा बैठक? expand_more
Experience Bastar With Certified Local Experts
From Chitrakote water cascades to remote Dandami Maria tribal settlements, let Trips N Trippers curate an authentic, responsible, and culturally immersive itinerary for you.