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Bhoramdev Corridor: 15-15 दिन की कार्ययोजना बनाकर तेजी लाने के दिए निर्देश

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Trips N Trippers Editorial
Published on • Raipur, India
Bhoramdev Corridor: 15-15 दिन की कार्ययोजना बनाकर तेजी लाने के दिए निर्देश

स्वदेश दर्शन योजना के तहत करीब 146 करोड़ रुपए की लागत से विकसित किए जा रहे भोरमदेव कॉरिडोर के निर्माण कार्यों की सोमवार को समीक्षा हुई। उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा और पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कबीरधाम जिला पंचायत सभाकक्ष में सभी प्रोजेक्ट की प्रगति की जानकारी ली। कई निर्माण कार्यों की गति अपेक्षा के अनुरूप नहीं मिलने पर दोनों मंत्रियों ने संबंधित ठेकेदारों और निर्माण एजेंसियों पर नाराजगी जताई। उन्होंने हर 15 दिन की स्पष्ट कार्ययोजना बनाकर काम में तेजी लाने और तय समय-सीमा में जमीन पर प्रगति दिखाने के निर्देश दिए।

15 दिन बाद साइट पर दिखना चाहिए काम

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने साफ कहा कि भोरमदेव कॉरिडोर जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट में धीमी गति अब स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि हर 15 दिन में निर्माण स्थल पर काम की प्रगति दिखाई देनी चाहिए।

उन्होंने निर्धारित लक्ष्य के अनुसार काम नहीं होने पर जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए। जरूरत पड़ने पर संबंधित ठेकेदार को कार्य से अलग करने के साथ अनुबंध की शर्तों के तहत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने ब्लैकलिस्ट सहित अन्य कार्रवाई की संभावना भी स्पष्ट की।

शर्मा ने अधिकारियों को पर्याप्त मशीनरी, मानव संसाधन और जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि निर्माण कार्यों की रफ्तार बढ़ाई जा सके।

कागज पर नहीं, जमीन पर दिखे भोरमदेव कॉरिडोर कार्ययोजना का असर

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि हर प्रोजेक्ट के लिए 15-15 दिन की स्पष्ट कार्ययोजना तैयार होनी चाहिए। यह योजना केवल कागजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद उसका परिणाम निर्माण स्थल पर साफ दिखाई देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि भोरमदेव क्षेत्र का विकास आने वाले कई वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। इसलिए निर्माण कार्य मजबूत, टिकाऊ और तय गुणवत्ता व तकनीकी मानकों के अनुरूप होने चाहिए। गुणवत्ता से किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।

तकनीकी या अन्य समस्या आने पर संबंधित अधिकारियों को तत्काल जानकारी देने के निर्देश भी दिए गए, ताकि समय रहते उसका समाधान किया जा सके।

भोरमदेव महोत्सव से पहले काम में दिखेगी तेजी

विजय शर्मा ने आगामी भोरमदेव महोत्सव तक निर्माण कार्यों में स्पष्ट और दिखाई देने वाली प्रगति सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने पीएमसी, ठेकेदारों और भोरमदेव विकास समिति के बीच लगातार समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए।

साथ ही पीएमसी की भूमिका और जिम्मेदारियों की समीक्षा कर तकनीकी निगरानी को और प्रभावी बनाने को कहा गया।

8-9 महीने पहले जारी हुए कार्यादेश, फिर भी धीमी रफ्तार

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने भी निर्माण कार्यों की धीमी गति पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि कई कामों के कार्यादेश जारी हुए 8 से 9 महीने हो चुके हैं। इसके बावजूद निर्माण कार्य अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ रहे हैं।

उन्होंने सभी ठेकेदारों से पूरी कार्ययोजना प्रस्तुत करने और हर 15 दिन में किए जाने वाले कार्यों का लक्ष्य तय करने को कहा। मंत्री ने निर्देश दिए कि भोरमदेव महोत्सव से 10 दिन पहले तक निर्धारित कार्य पूरे करने की समय-सीमा तय की जाए।

हर 15 दिन में निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। तय लक्ष्य के अनुसार काम नहीं होने पर ठेकेदार को कार्य से अलग करने और अनुबंध की शर्तों के तहत कार्रवाई की जाएगी।

निर्माण स्थल पर ठेकेदार का जिम्मेदार प्रतिनिधि जरूरी

पर्यटन मंत्री ने पीएमसी, भोरमदेव विकास समिति, संबंधित विभागों और ठेकेदारों की स्थानीय टीम के बीच नियमित समन्वय के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि निर्माण स्थल पर ठेकेदार की ओर से एक जिम्मेदार प्रतिनिधि अनिवार्य रूप से मौजूद रहे। वह समिति और अधिकारियों के साथ बैठक कर ड्राइंग, डिजाइन और निर्माण से जुड़े विषयों पर तत्काल निर्णय ले सके।

सिंचाई, लोक निर्माण विभाग सहित संबंधित अधिकारियों को नियमित रूप से निर्माण कार्यों का निरीक्षण करने और प्रगति की प्रभावी निगरानी करने के निर्देश भी दिए गए।

मंदिर की ऐतिहासिक वास्तुकला के अनुरूप हो नया निर्माण

पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने भोरमदेव कॉरिडोर के ड्राइंग और डिजाइन को लेकर भी विशेष निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण में भोरमदेव मंदिर की ऐतिहासिक वास्तुकला, स्वरूप और रंगत का विशेष ध्यान रखा जाए।

नए निर्माण मंदिर की ऐतिहासिक पहचान के अनुरूप हों और उसके साथ सामंजस्य स्थापित करें।

उन्होंने कहा कि भोरमदेव सिर्फ कवर्धा की आस्था से जुड़ा स्थल नहीं है, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ की आस्था और ऐतिहासिक पहचान का महत्वपूर्ण केंद्र है। इसलिए सभी संबंधित अधिकारी और निर्माण एजेंसियां इसे सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए काम समय पर पूरा करें।

भोरमदेव मार्ग से हटेगा अतिक्रमण

बैठक में भोरमदेव मार्ग और आसपास के क्षेत्र में अतिक्रमण की स्थिति पर भी चर्चा हुई। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने अतिक्रमण का चिन्हांकन कर नियमानुसार सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।

उन्होंने कवर्धा से भोरमदेव जाने वाले मुख्य मार्ग के दोनों ओर अतिक्रमण की जांच कराने के निर्देश तहसीलदार को दिए। राजस्व और वन विभाग की भूमि का संयुक्त रूप से चिन्हांकन करने को कहा गया।

जहां अतिक्रमण पाया जाए, वहां नियमानुसार कार्रवाई कर उसे हटाने के निर्देश दिए गए। अतिक्रमण मुक्त होने वाली उपयुक्त शासकीय भूमि का इस्तेमाल पार्किंग और अन्य जनसुविधाओं के विकास के लिए किया जा सकता है। उप मुख्यमंत्री ने पूरे मार्ग को व्यवस्थित और सुगम बनाने के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को भी कहा।

बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, उपाध्यक्ष कैलाश चंद्रवंशी, पुलिस प्राधिकरण के सदस्य भगत पटेल, कलेक्टर तुलिका प्रजापति, पर्यटन विभाग के प्रबंध संचालक सौमिल रंजन चौबे, पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र यादव सहित जनप्रतिनिधि और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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