अब घर बैठे मोबाइल से भरें अपनी जानकारी, बाहर घूमने गए हैं तो भी नहीं छूटेगा नाम!
छत्तीसगढ़ के नागरिकों के लिए बड़ी खबर है। राज्य में आज, 16 अप्रैल से 'भारत की जनगणना 2027' के पहले चरण का आगाज़ हो गया है। खास बात यह है कि इस बार न कागज की जरूरत होगी और न ही पेन की; छत्तीसगढ़ के इतिहास में पहली बार यह पूरी प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल होने जा रही है।

कहीं भी हों, खुद करें अपनी गणना
दरअसल, प्रशासन ने इस बार आम जनता को 'स्व-गणना' (Self-Enumeration) की बड़ी ताकत दी है। अक्सर लोग शिकायत करते थे कि जब गणनाकर्मी घर आए तो वे काम से बाहर थे या कहीं घूमने गए थे। अब इसकी टेंशन खत्म! अगर आप रायपुर के शास्त्री चौक पर हों या बस्तर के जंगलों में, या फिर राज्य से बाहर छुट्टी मना रहे हों आप कहीं से भी पोर्टल https://se.census.gov.in/ पर जाकर अपना और अपने परिवार का विवरण खुद दर्ज कर सकते हैं।
कैसे करें रजिस्ट्रेशन?
- सबसे पहले आधिकारिक पोर्टल पर जाएं।
- परिवार का कोई भी बड़ा सदस्य अपने मोबाइल नंबर से लॉगिन करे।
- ओटीपी (OTP) के जरिए वेरिफिकेशन होते ही आप फॉर्म भर पाएंगे।
- इसमें आपको घर की स्थिति, पीने का पानी, शौचालय और बिजली जैसे साधनों की जानकारी देनी होगी।
- साथ ही परिवार के हर सदस्य का नाम, उम्र, पढ़ाई और काम-काज का ब्यौरा भरना अनिवार्य है।
हेल्पलाइन 1855 से मिलेगी मदद
बता दें कि अगर आपको पोर्टल चलाने में कोई दिक्कत आ रही है, तो सरकार ने टोल-फ्री नंबर 1855 जारी किया है। सुबह से ही रायपुर के कंट्रोल रूम में इस नंबर पर लोगों की कॉल आनी शुरू हो गई है।
62 हजार से ज्यादा कर्मचारी मैदान में
भले ही आप जानकारी ऑनलाइन भर दें, लेकिन आपके डेटा का मिलान करने के लिए सरकारी अमला आपके दरवाजे तक जरूर पहुंचेगा। मिली जानकारी के अनुसार, प्रदेश के 33 जिलों और करीब 20 हजार गांवों में इस काम के लिए 62,500 अधिकारी-कर्मचारियों की फौज तैनात की गई है। इसमें 51,300 प्रगणक (Enumerators) और 9,000 सुपरवाइजर शामिल हैं।
आपका डाटा रहेगा सेफ
गौरतलब है कि कई लोगों के मन में डर रहता है कि उनकी जानकारी का गलत इस्तेमाल होगा। लेकिन प्रशासन ने साफ कर दिया है कि जनगणना अधिनियम 1948 के तहत आपकी हर जानकारी 'टॉप सीक्रेट' रहेगी। इस डेटा का इस्तेमाल न तो टैक्स वसूली के लिए होगा और न ही पुलिस जांच में। यह सिर्फ राज्य के विकास और नई योजनाओं को बनाने के काम आएगा।
इस डिजिटल पहल से सबसे बड़ा फायदा उन नौकरीपेशा और घुमक्कड़ लोगों को होगा जो अक्सर घर पर मौजूद नहीं रहते। सेल्फ-रजिस्ट्रेशन के बाद आपको एक डिजिटल रेफरेंस नंबर (CRN) मिलेगा। जब जनगणनाकर्मी आपके घर आए, तो बस उन्हें यह नंबर दिखा दें, आपका काम मिनटों में हो जाएगा। इससे समय की बचत होगी और गलती की गुंजाइश भी खत्म हो जाएगी।
Frequently Asked Questions
What is the best time to visit अब घर बैठे मोबाइल से भरें अपनी जानकारी, बाहर घूमने गए हैं तो भी नहीं छूटेगा नाम!? expand_more
How do I reach अब घर बैठे मोबाइल से भरें अपनी जानकारी, बाहर घूमने गए हैं तो भी नहीं छूटेगा नाम! from Raipur? expand_more
Can Trips N Trippers arrange a customized guided tour for अब घर बैठे मोबाइल से भरें अपनी जानकारी, बाहर घूमने गए हैं तो भी नहीं छूटेगा नाम!? expand_more
Are permits required for visiting अब घर बैठे मोबाइल से भरें अपनी जानकारी, बाहर घूमने गए हैं तो भी नहीं छूटेगा नाम!? expand_more
Experience Bastar With Certified Local Experts
From Chitrakote water cascades to remote Dandami Maria tribal settlements, let Trips N Trippers curate an authentic, responsible, and culturally immersive itinerary for you.