Site icon Trips N Trippers

रायपुर से बस्तर तक बदलेगी छत्तीसगढ़ की सूरत

resort

टाटा ग्रुप करेगा ₹500 करोड़ का निवेश

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का दौर अब खत्म हो चुका है। अब बस्तर और सरगुजा के जंगलों में गोलियों की गूंज नहीं, बल्कि फाइव स्टार मेहमाननवाजी दिखेगी। देश का सबसे बड़ा बिजनेस घराना यानी टाटा ग्रुप अब छत्तीसगढ़ के पर्यटन को पूरी तरह बदलने आ रहा है। टाटा की होटल कंपनी ‘आईएचसीएल’ (IHCL) राज्य में 500 करोड़ रुपये से ज्यादा का बड़ा निवेश करने जा रही है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के साथ हुई एक हाई-लेवल बैठक में टाटा के अफसरों ने खुद इस बड़े प्लान को सामने रखा है। इस बैठक में वित्त मंत्री ओपी चौधरी, पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा और मुख्य सचिव विकास शील समेत कई बड़े अधिकारी मौजूद थे। सरकार ने टाटा को निवेश के लिए हरी झंडी दे दी है।

इन 6 जगहों पर जमीन देने की तैयारी

सरकार ने टाटा ग्रुप को राज्य के 6 सबसे खूबसूरत और प्राइम लोकेशंस पर जमीन देने का ऑफर दिया है। सूत्रों की मानें तो इन जगहों पर टाटा अपने आलीशान होटल और विला बनाएगा:

इन सरकारी रिसॉर्ट्स को सीधे टेकओवर कर सकता है टाटा

टाटा सिर्फ नए होटल ही नहीं बनाएगा, बल्कि छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के कुछ सबसे आलीशान सरकारी रिसॉर्ट्स को सीधे अपने हाथ में ले सकता है। इनमें बस्तर का मशहूर चित्रकोट दंडामी रिसॉर्ट (20.37 एकड़), कोंडागांव का धंकुल एथनिक रिसॉर्ट, और मैनपाट का कर्मा एथनिक रिसॉर्ट शामिल हैं। इसके अलावा कांकेर का ‘हिल मैना हाईवे ट्रीट’ जो पुराने कड़े नियमों के कारण 5 बार टेंडर होने के बाद भी खाली पड़ा था, उसे अब सीधे टाटा को सौंपा जा सकता है।

बस्तर और सरगुजा को ही क्यों चुना?

टाटा की एक हाई-लेवल एक्सपर्ट टीम बहुत जल्द बस्तर और सरगुजा के जंगलों, वादियों और पांचों शक्तिपीठों का सर्वे करने वाली है। इसके पीछे 4 बड़े कारण हैं। पहला यह कि रायपुर-दुर्ग जैसे शहरों में 5-स्टार होटल के लिए 150 कमरों की शर्त है, लेकिन बस्तर-सरगुजा के लिए सरकार ने छूट दी है कि यहां सिर्फ 50 कमरों का 3-स्टार लक्जरी रिसॉर्ट भी बनाया जा सकता है। दूसरा, यहां निवेश करने पर सरकार तगड़ी टैक्स छूट और सब्सिडी दे रही है। तीसरा, यहां चित्रकोट वॉटरफॉल और मैनपाट जैसी वादियां पहले से ही सैलानियों की पहली पसंद हैं।

वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने साफ कहा है कि सरकार ने छत्तीसगढ़ में बिजनेस का माहौल बहुत आसान बना दिया है। जो भी कंपनी 500 करोड़ से ऊपर का निवेश करेगी, उसे बी-स्पोक पॉलिसी के तहत अलग से स्पेशल फायदे और सरकारी मदद दी जाएगी। लगता है आने वाले दिनों में छत्तीसगढ़ का पर्यटन पूरी दुनिया में चमकने वाला है।

Exit mobile version