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Chhattisgarh - Trips N Trippers
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Trips N Trippers / India  / Chhattisgarh
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10 Mar

गोंडवाना मरीन फॉसिल पार्क: छत्तीसगढ़ का नया पर्यटन आकर्षण

मनेंद्रगढ़ वनमंडल में स्थित गोंडवाना मरीन फॉसिल पार्क एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है। यह पार्क विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि यहां 29 करोड़ वर्ष पुराने समुद्री जीवाश्म मिले हैं।भारत में ऐसे केवल चार अन्य स्थानों पर समुद्री जीवाश्म पाए गए हैं, लेकिन यह पार्क एशिया का सबसे बड़ा समुद्री जीवाश्म पार्क माना जाता है। हसदेव नदी के किनारे लगभग 1 किलोमीटर के क्षेत्र में फैले इस स्थल को राष्ट्रीय भूवैज्ञानिक स्मारक का दर्जा प्राप्त है। इसकी खोज 1954 में भूवैज्ञानिक एस.के. घोष...

Agora Eco Tourism
24 Feb

आगोरा ईको-टूरिज़्म को ‘इंडियन रिस्पॉन्सिबल टूरिज़्म नेशनल अवार्ड्स 2025’ में स्वर्ण पदक

आगोरा ईको-टूरिज़्म ने 'इंडियन रिस्पॉन्सिबल टूरिज़्म नेशनल अवार्ड्स 2025' में सस्टेनेबल ट्रैवल एंटरप्राइज़ श्रेणी में गोल्ड (प्रथम स्थान) प्राप्त किया है। यह सम्मान देशभर में जिम्मेदार और सतत पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रतिष्ठित Outlook Traveller द्वारा प्रदान किया गया है। आगोरा ईको-टूरिज़्म की स्थापना 2022 में छत्तीसगढ़ में अनुभवात्मक पर्यटन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से की गई थी। इसका मुख्य लक्ष्य स्थानीय समुदायों की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करना था, ताकि वे होमस्टे, गाइड, भोजन तैयारी, ट्रेकिंग, कहानी कहने या अन्य उपयुक्त भूमिकाओं में पर्यटन का हिस्सा बन सकें।...

Bastar
3 Feb

बस्तर में इको-टूरिज्म को नई उड़ान

छत्तीसगढ़ का बस्तर अपनी अद्वितीय प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है। अब यहां के तीरथगढ़ और कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान के पास स्थित मांझीपाल में बैंबू राफ्टिंग की शुरुआत की गई है, जो बस्तर में इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए द्वार खोल रही है। यह पहल इको-डेवलपमेंट समिति द्वारा कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान के सहयोग से शुरू की गई है, जिसका उद्देश्य रोमांचक पर्यटन और सतत विकास को एक साथ आगे बढ़ाना है। बस्तर में इको-टूरिज्म :- प्रकृति के बीच रोमांच का नया...

13 Jan

टीपापानी पहाड़ पर मिले मध्य पाषाणकालीन शैलचित्र

रायगढ़, छत्तीसगढ़। रायगढ़ जिले के केरसार गांव स्थित टीपापानी पहाड़ पर हाल ही में मध्य पाषाणकाल (10,000-4,000 ई.पू.) के शैलचित्रों की खोज की गई है। यह ऐतिहासिक खोज डॉ. मुकेश कुमार राठिया, मानवविज्ञान अध्ययनशाला, पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर द्वारा की गई है। शैलचित्रों में जीवन और प्रकृति की झलक डॉ. राठिया के अनुसार, इन शैलचित्रों में मानव एवं पशु आकृतियों के साथ-साथ पेड़-पौधे और अन्य दृश्य भी दर्शाए गए हैं। ये चित्र तत्कालीन मानव जीवन और उनके परिवेश के विकास की महत्वपूर्ण झलक प्रस्तुत करते हैं। रायगढ़ के शैलचित्र: सांस्कृतिक और ऐतिहासिक...

17 Dec

छत्तीसगढ़ के पांच शक्तिपीठ बनेंगे चार धाम की तर्ज पर

छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के धार्मिक पर्यटन को नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए ऐतिहासिक निर्णय लिया है। प्रदेश के प्रमुख पांच शक्तिपीठ को चार धाम की तर्ज पर विकसित करने की योजना तैयार की गई है। इसमें सूरजपुर के कुदरगढ़, सक्ति के चंद्रहासिनी चंद्रपुर, बिलासपुर के महामाया रतनपुर, दंतेवाड़ा के दंतेश्वरी मंदिर, और राजनांदगांव के डोंगरगढ़ स्थित मां बमलेश्वरी मंदिर को शामिल किया गया है। धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा प्रदेश के इन प्रमुख शक्तिपीठों को भव्य और सुव्यवस्थित चार धाम रूप देने के लिए विशेष योजना बनाई गई है।...

12 Dec

मधेश्वर पहाड़ शिवलिंग जशपुर का नाम गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज

छत्तीसगढ़ ने एक बार फिर अपनी सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाई है। जशपुर जिले के प्रसिद्ध मधेश्वर पहाड़ की अद्भुत प्राकृतिक संरचना, जो विश्व की सबसे बड़ी शिवलिंग के रूप में पहचानी जाती है, को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल किया गया है। इसे "लार्जेस्ट नेचुरल फैक्सिमिली ऑफ शिवलिंग" का खिताब मिला है। मधेश्वर पहाड़ शिवलिंग - सीएम विष्णु देव साय ने दी बधाई इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ की जनता को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने ट्वीट कर कहा, बधाई...

10 Dec

वैश्विक पर्यटन नक्शे पर शामिल हुआ छत्तीसगढ़ का जशपुर

छत्तीसगढ़ का जशपुर जिला अब वैश्विक पर्यटन के नक्शे पर अपनी खास जगह बना चुका है। इसे पर्यटन वेबसाइट www.easemytrip.com में शामिल किया गया है, जो इसे राज्य का पहला ऐसा जिला बनाता है। अब देश-विदेश के पर्यटक आसानी से जशपुर की सुंदरता और पर्यटन स्थलों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। मुख्यमंत्री की बधाई और पर्यटन की नई दिशा मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि पर प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए कहा:"जशपुर का वैश्विक पर्यटन नक्शे में शामिल होना हर छत्तीसगढ़वासी के लिए गर्व का विषय है। हमारी सरकार राज्य...

पर्यटन के क्षेत्र में जशपुर की नई पहचान
5 Dec

पर्यटन के क्षेत्र में जशपुर की नई पहचान

छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में व्यापक प्रयास किए जा रहे हैं। हाल ही में, पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मायली नेचर कैंप में सरगुजा क्षेत्र विकास प्राधिकरण की बैठक आयोजित की गई। यह पहल न केवल जिले को एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित करने का प्रयास है, बल्कि इसे सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहर के लिए भी वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में एक कदम है। जशपुर: प्राकृतिक और सांस्कृतिक धरोहर...

3 Dec

छत्तीसगढ़ में पर्यटन को उद्योग का दर्जा: नए रोजगार और निवेश के अवसर

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट की बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य में पर्यटन को उद्योग का दर्जा देने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। इस फैसले का उद्देश्य राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देना और योजनाबद्ध विकास को सुनिश्चित करना है। पर्यटन को उद्योग का दर्जा: क्या है खास? कैबिनेट की इस बैठक में छत्तीसगढ़ पर्यटन विभाग के प्रस्ताव पर विचार किया गया, जिसके तहत राज्य में साहसिक पर्यटन, जल पर्यटन, मेडिकल और वेलनेस टूरिज्म, एग्रो टूरिज्म जैसी पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए पर्यटन को उद्योग का...

29 Nov

छत्तीसगढ़ में बनेगी चित्रोत्पला फिल्म सिटी और सांस्कृतिक केंद्र

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रयासों से छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड को केंद्र सरकार से एक बड़ी उपलब्धि प्राप्त हुई है। केंद्र सरकार ने स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट्स फॉर कैपिटल इन्वेस्टमेंट 2024-25 के तहत राज्य की दो महत्वपूर्ण पर्यटन परियोजनाओं के लिए 147.66 करोड़ रूपए की राशि स्वीकृत की है। चित्रोत्पला फिल्म सिटी चित्रोत्पला फिल्म सिटी - पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा इसके अंतर्गत 95.79 करोड़ रूपए की लागत से माना तूता रायपुर में चित्रोत्पला फिल्म सिटी का निर्माण तथा 51.87 करोड़ रूपए की लागत से जनजातीय और सांस्कृतिक कन्वेंशन सेंटर का निर्माण शामिल है।...