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छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड ने देशभर के टूर ऑपरेटरों के समक्ष प्रस्तुत की राज्य की प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन की अपार संभावनाएं

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Trips N Trippers Editorial
Published on • Raipur, India
छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड ने देशभर के टूर ऑपरेटरों के समक्ष प्रस्तुत की राज्य की प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन की अपार संभावनाएं

छत्तीसगढ़ पर्यटन को देशभर में नई पहचान दिलाने के लिए टूर ऑपरेटरों और दूसरे राज्यों के पर्यटन विभागों के साथ संपर्क बढ़ाने की पहल की गई है। इसी उद्देश्य से छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड ने 7 से 10 अक्टूबर 2026 तक आयोजित मध्य प्रदेश ट्रैवल मार्ट में हिस्सा लिया। इस दौरान राज्य के प्राकृतिक स्थलों, ऐतिहासिक धरोहरों, जनजातीय संस्कृति और पर्यटन की संभावनाओं को राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत किया गया। साथ ही, अंतरराज्यीय पर्यटन सहयोग और संयुक्त पर्यटन पैकेज विकसित करने के अवसरों पर भी चर्चा हुई।

दूसरे राज्यों के पर्यटन अधिकारियों से हुई बातचीत

मध्य प्रदेश ट्रैवल मार्ट में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अध्यक्ष नीलू शर्मा और प्रबंध संचालक सौमिल रंजन चौबे मौजूद रहे। आयोजन के दौरान चौबे ने मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग के सचिव इलैयाराजा सहित मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों के पर्यटन विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों एवं प्रबंध संचालकों से मुलाकात की।

बैठकों में पर्यटन स्थलों के संयुक्त प्रचार, पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों के बीच बेहतर समन्वय और विभिन्न राज्यों के बीच सहयोग बढ़ाने पर विचार-विमर्श हुआ। इसका उद्देश्य पर्यटकों को अलग-अलग राज्यों के पर्यटन स्थलों से जोड़ने और पर्यटन गतिविधियों के विस्तार की संभावनाओं को आगे बढ़ाना है।

 

चित्रकोट, सिरपुर और बस्तर जैसे स्थलों पर फोकस

ट्रैवल मार्ट में देशभर से आए टूर ऑपरेटरों और पर्यटन क्षेत्र के प्रतिनिधियों को छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्यटन स्थलों की जानकारी दी गई। इनमें चित्रकोट जलप्रपात, तीरथगढ़ जलप्रपात, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान, सिरपुर की ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक धरोहरें, भोरमदेव मंदिर और मैनपाट के प्राकृतिक स्थल शामिल हैं।

बस्तर की जनजातीय संस्कृति भी छत्तीसगढ़ की पर्यटन पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। राज्य में प्राकृतिक सुंदरता के साथ इतिहास, आध्यात्मिकता, लोककलाओं, हस्तशिल्प और पारंपरिक जीवनशैली से जुड़े पर्यटन अनुभव उपलब्ध हैं।

इको टूरिज्म, ग्रामीण पर्यटन, धार्मिक पर्यटन, सांस्कृतिक पर्यटन और एडवेंचर टूरिज्म के क्षेत्र में भी राज्य के पास विकास की संभावनाएं हैं।

टूर ऑपरेटरों को छत्तीसगढ़ आने का न्योता

छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक सौमिल रंजन चौबे ने विभिन्न राज्यों के पर्यटन अधिकारियों और क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों को छत्तीसगढ़ भ्रमण के लिए आमंत्रित किया।

इस पहल के जरिए पर्यटन क्षेत्र के प्रतिनिधियों को राज्य के प्राकृतिक स्थलों, ऐतिहासिक विरासत, सांस्कृतिक परंपराओं और वन्यजीव पर्यटन की संभावनाओं को करीब से समझने का अवसर देने पर जोर दिया गया। इससे छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों को अलग-अलग यात्रा कार्यक्रमों और टूर पैकेज में शामिल करने की संभावनाएं बन सकती हैं।

इससे उन पर्यटन स्थलों को भी पहचान दिलाने में मदद मिल सकती है, जो अभी देशभर के पर्यटकों के बीच अपेक्षाकृत कम चर्चित हैं।

दूसरे राज्यों के साथ पर्यटन सर्किट बनाने की संभावना

मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों के साथ पर्यटन संबंध मजबूत होने से संयुक्त पर्यटन सर्किट और थीम आधारित यात्रा कार्यक्रम तैयार करने की संभावनाएं बढ़ सकती हैं। धार्मिक, ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक पर्यटन को जोड़कर ऐसे पैकेज विकसित किए जा सकते हैं, जिनमें पर्यटकों को एक ही यात्रा के दौरान अलग-अलग तरह के अनुभव मिलें।

हालांकि, ये संभावनाएं भविष्य में सहयोग और योजनाओं के विकास पर निर्भर करेंगी। ट्रैवल मार्ट में हुई चर्चाओं से पर्यटन विपणन और नए बाजारों तक पहुंच बनाने के लिए संपर्क बढ़ाने का अवसर मिला।

पर्यटन से स्थानीय रोजगार को जोड़ने पर जोर

छत्तीसगढ़ में पर्यटन का विस्तार स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए भी महत्वपूर्ण हो सकता है। पर्यटन गतिविधियां बढ़ने से स्थानीय गाइड, होटल और होमस्टे संचालक, परिवहन व्यवसायी, हस्तशिल्पी तथा ग्रामीण समुदायों के लिए आजीविका के नए अवसर विकसित किए जा सकते हैं।

ग्रामीण और जनजातीय पर्यटन के जरिए स्थानीय लोगों को पर्यटन गतिविधियों से जोड़ने के साथ उनकी कला, खानपान, शिल्प और पारंपरिक संस्कृति को बढ़ावा देने की संभावनाएं भी हैं।

राष्ट्रीय पर्यटन मंचों पर बढ़ रही भागीदारी

छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड देश के अलग-अलग राज्यों में आयोजित ट्रैवल मार्ट, पर्यटन प्रदर्शनियों और रोड शो में भाग लेकर राज्य के पर्यटन स्थलों का प्रचार कर रहा है। इसका उद्देश्य टूर ऑपरेटरों के साथ संपर्क बढ़ाना और छत्तीसगढ़ को घरेलू पर्यटन के प्रमुख गंतव्यों में शामिल करने के प्रयासों को आगे बढ़ाना है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल के मार्गदर्शन में राज्य सरकार पर्यटन अधोसंरचना, पर्यटक सुविधाओं, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और रोजगार के अवसरों के विस्तार पर जोर दे रही है।

मध्य प्रदेश ट्रैवल मार्ट में छत्तीसगढ़ की भागीदारी इसी प्रयास का हिस्सा रही। अब अंतरराज्यीय संपर्क को पर्यटन पैकेज, पर्यटकों की आवाजाही और स्थानीय स्तर पर आर्थिक अवसरों में बदलना इस दिशा में महत्वपूर्ण होगा

 

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