174 यात्रियों वाली फ्लाइट में कॉकपिट के अंदर क्या हुआ? घायल कैप्टन स्मित की पहली तस्वीर आई सामने
फ्लाईदुबई की FZ1073 फ्लाइट में कॉकपिट के अंदर हुई गंभीर घटना के बाद भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार की पहली तस्वीर सामने आई है। तस्वीर में उनकी छाती और पेट के आसपास भारी पट्टियां बंधी दिखाई दे रही हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, घटना के दौरान उन्हें गंभीर चोटें आईं और काफी रक्तस्राव हुआ। 30 सितंबर 2026 को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट को घटना के बाद सऊदी अरब के तबुक की ओर मोड़ना पड़ा। मामले की पूरी परिस्थितियों की जांच अभी जारी है।

पहली तस्वीर में क्या दिखा?
घटना के बाद सामने आई तस्वीर में कैप्टन स्मित मच्छार विमान के बाहर दिखाई दे रहे हैं। उनकी छाती और पेट के आसपास पट्टियां बंधी हैं। तस्वीर से उनकी चोटों की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है। रिपोर्टों के अनुसार, कॉकपिट में हुई घटना के दौरान उन्हें काफी रक्तस्राव हुआ था। अस्पताल पहुंचने के समय उनकी हालत बेहद गंभीर बताई गई थी और तत्काल चिकित्सा सहायता की जरूरत पड़ी।
डॉक्टरों ने कैप्टन स्मित की हालत पर क्या बताया?
इलाज करने वाले डॉक्टरों के हवाले से रिपोर्टों में बताया गया कि अस्पताल पहुंचने तक मच्छार काफी खून खो चुके थे। इलाज के दौरान घावों को नियंत्रित करने और रक्तस्राव रोकने पर प्राथमिकता दी गई। भारतीय अधिकारियों के अनुसार, उनका इलाज तबुक के अस्पताल में चल रहा है और उन्हें stable condition में बताया गया है। हालांकि उनकी विस्तृत मेडिकल स्थिति की जानकारी अभी सीमित है।
कौन हैं कैप्टन स्मित मच्छार?
कैप्टन स्मित मच्छार एक अनुभवी भारतीय कमर्शियल पायलट हैं। उनकी LinkedIn प्रोफाइल के मुताबिक, उन्हें कमर्शियल एविएशन में 13 साल से ज्यादा का अनुभव है। वह मुख्य रूप से Boeing 737 परिवार के विमानों पर उड़ान का अनुभव रखते हैं। जून 2022 से वह फ्लाईदुबई से जुड़े हैं और Direct Entry Captain के तौर पर काम कर रहे हैं। उनकी प्रोफाइल में करीब 9,750 घंटे का कुल फ्लाइंग अनुभव दर्ज है। इसमें Boeing 737-800 और Boeing 737 MAX पर उड़ान का अनुभव भी शामिल है।
SpiceJet में भी संभाली ट्रेनिंग कैप्टन की जिम्मेदारी
फ्लाईदुबई से पहले स्मित मच्छार ने SpiceJet में 11 साल से ज्यादा समय तक काम किया। वह जून 2011 में SpiceJet से जुड़े थे। नवंबर 2020 से जून 2022 तक उन्होंने वहां Line Training Captain के रूप में काम किया। इस भूमिका में पायलटों की ट्रेनिंग, मूल्यांकन और मेंटरिंग जैसी जिम्मेदारियां शामिल थीं। उनकी प्रोफाइल में Crew Resource Management, Flight Standards और Pilot Mentoring का अनुभव भी दर्ज है।
FZ1073 में कॉकपिट के अंदर क्या हुआ?
फ्लाईदुबई की FZ1073 दुबई से तेल अवीव जा रही थी। उड़ान के दौरान कॉकपिट में गंभीर घटना की सूचना मिली। यात्रियों ने कॉकपिट से आवाजें और चीखें सुनने की बात कही। फ्लाईदुबई ने घटना को फ्लाइट डेक में हुई altercation बताया है। वहीं इजरायली अधिकारियों और यात्रियों के बयानों में एक पायलट द्वारा दूसरे पर हमला किए जाने की बात सामने आई है। कुछ रिपोर्टों में चाकू से हमला किए जाने का दावा भी किया गया है। हालांकि घटना की पूरी परिस्थितियों और कारणों की आधिकारिक जांच अभी जारी है। इसलिए शुरुआती दावों को अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जा सकता।
29 सेकंड में हजारों फीट नीचे आया विमान
फ्लाइट-ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, घटना के दौरान विमान ने तेज descent किया। Indian Express ने Flightradar24 के डेटा के हवाले से बताया कि विमान करीब 29 सेकंड में 30,875 फीट से 16,750 फीट तक नीचे आया। विमान ने 7700 और 7500 जैसे emergency codes भी प्रसारित किए। Aviation में 7500 को unlawful interference का संकेत माना जाता है। हालांकि केवल emergency code के आधार पर कॉकपिट में हुई पूरी घटना का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। रिपोर्टों के मुताबिक, फ्लाइट में 174 लोग और चार पायलट सवार थे।
विमान को तबुक क्यों मोड़ना पड़ा?
कॉकपिट की घटना के बाद FZ1073 को अपने निर्धारित गंतव्य तेल अवीव के बजाय सऊदी अरब के तबुक की ओर मोड़ा गया। तबुक पहुंचने के बाद दोनों पायलटों को अस्पताल ले जाया गया। कैप्टन स्मित मच्छार को गंभीर चोटों के कारण तत्काल इलाज की जरूरत पड़ी।
क्या इजरायल ने लड़ाकू विमान भेजे थे?
इजरायल के राजदूत के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया कि विमान के लिए fighter jets बुलाए गए थे। हालांकि उन्हें कार्रवाई करने की जरूरत नहीं पड़ी।
बड़ा सवाल कैसे हुई विवाद की शुरुआत
घटना की जांच में कई अहम सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं। इनमें कॉकपिट में विवाद की शुरुआत कैसे हुई, घटना में वास्तव में क्या हुआ, इस्तेमाल किए गए हथियार को लेकर दावों की स्थिति क्या है और emergency codes क्यों प्रसारित किए गए, जैसे सवाल शामिल हैं। इसके अलावा विमान की ऊंचाई और मार्ग में अचानक बदलाव किन परिस्थितियों में हुआ, इसकी भी जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही कॉकपिट में हुई घटना की पूरी प्रकृति, उसका कारण और unlawful interference से जुड़े पहलू स्पष्ट हो सकेंगे।