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Kanker Palace से Heritage Tourism को नई दिशा, डिजिटल क्रिएटर्स ने संभाली कमान

Heritage Tourism: छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक धरोहरों, सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड लगातार नई पहल कर रहा है। इसी कड़ी में शनिवार को कांकेर के ऐतिहासिक Kanker Palace में टूरिज्म बोर्ड की टीम और राज्यभर से आए डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स ने युवराज जयप्रताप से मुलाकात की। इस दौरान हेरिटेज टूरिज्म को बढ़ावा देने और बस्तर की पर्यटन संभावनाओं को नई पहचान दिलाने पर विस्तार से चर्चा हुई।

कांकेर की विरासत और इतिहास पर हुई चर्चा

बैठक के दौरान युवराज जयप्रताप ने कांकेर रियासत के इतिहास, राजमहल की स्थापत्य कला, स्थानीय संस्कृति और पारंपरिक विरासत की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि कांकेर केवल अपने इतिहास के लिए ही नहीं, बल्कि प्राकृतिक सौंदर्य, जनजातीय संस्कृति और सांस्कृतिक विविधता के कारण भी पर्यटकों के लिए आकर्षक स्थान है। उन्होंने विरासत स्थलों के संरक्षण और उनके प्रभावी प्रचार को पर्यटन विकास की मजबूत नींव बताया।

कम चर्चित पर्यटन स्थलों को मिलेगी नई पहचान

बैठक में कांकेर और आसपास के उन पर्यटन स्थलों पर विशेष चर्चा हुई, जो अपनी प्राकृतिक और सांस्कृतिक विशेषताओं के बावजूद अभी तक व्यापक पहचान नहीं बना सके हैं। इन स्थलों को डिजिटल माध्यमों से देश और दुनिया के यात्रियों तक पहुंचाने, उनकी खासियत को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने और पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने के लिए कई सुझाव दिए गए। साथ ही प्राकृतिक, धार्मिक, साहसिक और Heritage Tourism को एक साथ विकसित कर कांकेर को बहुआयामी पर्यटन गंतव्य बनाने पर भी विचार हुआ।

डिजिटल स्टोरीटेलिंग से बढ़ेगा पर्यटन

राज्य के विभिन्न जिलों से आए डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के कम चर्चित पर्यटन स्थल, जनजातीय संस्कृति, लोककला, पारंपरिक खान-पान और प्राकृतिक सौंदर्य को वीडियो, फोटोग्राफी और डिजिटल स्टोरीटेलिंग के माध्यम से लाखों लोगों तक पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इससे न केवल पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय लोगों को रोजगार और आय के नए अवसर भी मिलेंगे।

रोजगार और स्थानीय भागीदारी पर भी जोर

बैठक में ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण, स्थानीय समुदाय की भागीदारी बढ़ाने और पर्यटन आधारित रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर विकसित करने पर भी सकारात्मक चर्चा हुई। डिजिटल क्रिएटर्स ने विश्वास जताया कि उनके मंचों के माध्यम से कांकेर और पूरे बस्तर अंचल की अनूठी पहचान देश-दुनिया तक पहुंचेगी।

बस्तर पर्यटन परिचय यात्रा का हिस्सा है पहल

युवराज जयप्रताप ने छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि डिजिटल माध्यमों के जरिए प्रदेश की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को नई पहचान मिलेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रभावी प्रचार के साथ कांकेर आने वाले समय में देश के प्रमुख Heritage Tourism स्थलों में शामिल हो सकता है।

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड इन दिनों बस्तर पर्यटन परिचय यात्रा का आयोजन कर रहा है। इसके तहत राज्यभर से आए डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स बस्तर संभाग के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, धार्मिक और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों का भ्रमण कर रहे हैं। इसका उद्देश्य प्रदेश की पर्यटन संभावनाओं को व्यापक स्तर पर प्रचारित करना और छत्तीसगढ़ को प्रमुख पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करना है।

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