धुड़मारास बनेगा ग्लोबल टूरिज्म विलेज
छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले का एक छोटा सा गांव धुड़मारास अब दुनिया के पर्यटन मानचित्र पर चमकने के लिए तैयार है। संयुक्त राष्ट्र (UN) से संबद्ध अंतरराष्ट्रीय पर्यटन विशेषज्ञ किर्सी ह्यवैरिनेन 23 से 28 फरवरी तक बस्तर के विशेष दौरे पर आ रही हैं। यह 6 दिवसीय प्रवास न केवल धुड़मारास बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के ग्रामीण पर्यटन के लिए एक ऐतिहासिक मोड़ साबित होने वाला है। अब सात समंदर पार पहुंचेगी बस्तर की संस्कृति बस्तर के लिए यह दौरा किसी बड़े निवेश से कम नहीं है। संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन (UN...
छत्तीसगढ़: नक्सल छाया से पर्यटन हब तक की शानदार यात्रा
कभी नक्सल प्रभावित राज्य की छवि से पहचाना जाने वाला छत्तीसगढ़ अब तेजी से देश के उभरते पर्यटन हब के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। प्राकृतिक सौंदर्य, प्राचीन विरासत और जीवंत आदिवासी संस्कृति से समृद्ध यह प्रदेश अब नई नीतियों और आधारभूत ढांचे के विकास के कारण राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है। राज्य सरकार की प्राथमिकता में सुरक्षा, कनेक्टिविटी और पर्यटन अधोसंरचना को शीर्ष स्थान दिया गया है। नई औद्योगिक नीति 2024 - 30 में पर्यटन को उद्योग का दर्जा देकर निवेशकों को सब्सिडी,...
मुख्यमंत्री साय ने झुमका जलाशय को दी ओपन थिएटर की सौगात
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कोरिया प्रवास के दौरान पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा बैकुंठपुर स्थित प्रसिद्ध झुमका पर्यटन स्थल में निर्मित ओपन थिएटर का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने झुमका जलाशय में बोटिंग करते हुए क्षेत्र के मनोहारी प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लिया तथा यहां विकसित की गई पर्यटन सुविधाओं का अवलोकन किया। शिकारा की सवारी कर जाना सुविधाओं का हाल मुख्यमंत्री ने झुमका जलाशय में शिकारा पर सवार होकर नौका विहार किया। चारों ओर हरियाली, शांत जलराशि और कमल के फूलों से सजा यह रमणीय स्थल अब एक आकर्षक...
Five Lotus Indo – German Wellness Centre: A mindful journey along the Sirpur-Barnawapara Tourism Circuit
Chhattisgarh’s Sirpur-Barnawapara Tourism Circuit is steadily moving beyond conventional sightseeing, emerging as a destination rooted in wellness, heritage, and eco-tourism. Strengthening this vision, Dhaskud Nest has joined hands with Five Lotus Indo-German Wellness Centre to introduce a thoughtfully curated Retreat Tour Package designed for mindful and experience-driven travelers. Located at Raitum, near the Barnawapara Wildlife Sanctuary, the Five Lotus Indo-German Wellness Centre, in collaboration with Dhaskud Nest, has launched a 3 Nights and 4 Days retreat package that blends natural healing, meditation, cultural exploration, and nature-based tourism. The initiative aims to...
Village Kere to be Developed as a Model Community Tourism Destination
Jashpur has taken a significant step toward establishing itself as a major eco-tourism destination. In the presence of Chief Minister Vishnu Deo Sai, a Memorandum of Understanding was signed today at the Chief Minister’s camp office in Bagia between Homestays of India, the Government of Chhattisgarh, and the Jashpur district administration. Under this agreement, Village Kere will be developed as a model community-based tourism village. On this occasion, the Chief Minister also inaugurated the homestays developed in Village Kere. Under the MoU, efforts will be made to develop Jashpur’s first organized...
बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य में टीम इंडिया के खिलाड़ियों ने लिया जंगल सफारी का आनंद
भारत और न्यूजीलैंड के बीच रायपुर में होने वाले टी-20 मुकाबले से भारतीय क्रिकेट टीम के शीर्ष खिलाड़ियों ने छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार जिले स्थित प्रसिद्ध बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य का भ्रमण किया। व्यस्त मैच शेड्यूल के बीच खिलाड़ियों के लिए यह सफारी अनुभव सुकून और ताजगी से भरपूर रहा। खुले जीप सफारी में सूर्यकुमार यादव, संजू सैमसन, वरुण चक्रवर्ती, रिंकू सिंह और कुलदीप यादव ने अभयारण्य की प्राकृतिक सुंदरता और समृद्ध जैव-विविधता को करीब से देखा। हरियाली, शांत वातावरण और वन्यजीवों को देखकर खिलाड़ी काफी उत्साहित नजर आए। इस अवसर पर सीसीएफ...
माओवाद पर अंकुश के बाद पर्यटकों से गुलजार हुआ बस्तर
कभी बंदूक की आवाज और डर के साये में सिमटा बस्तर अब शांति, हरियाली और पर्यटन की नई कहानी कह रहा है। जिन जंगलों को लंबे समय तक माओवाद असुरक्षा से जोड़ा गया, वही जंगल आज सैलानियों के लिए सुकून और रोमांच का पता बनते जा रहे हैं। माओवाद पर प्रभावी नियंत्रण के बाद बस्तर ने न सिर्फ हालात बदले हैं, बल्कि अपनी पहचान भी नए सिरे से गढ़ी है। घने जंगल, ऊंचे पहाड़, झरनों की गूंज और आदिवासी संस्कृति की सरलता अब देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित कर रही है।...
सिरपुर महोत्सव – 2026 का आयोजन 1 से 3 फरवरी तक
छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर सिरपुर (श्रीपुर) एक बार फिर उत्सव के रंग में रंगने जा रही है। प्राचीन सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और पुरातात्विक विरासत के उत्सव के रूप में सिरपुर महोत्सव–2026 का आयोजन 1 फरवरी से 3 फरवरी 2026 तक किया जाएगा। महासमुंद जिले के सिरपुर में आयोजित होने वाला यह महोत्सव बौद्ध, शैव और वैष्णव परंपराओं की समृद्ध विरासत को देश-दुनिया के सामने प्रस्तुत करेगा। कार्यक्रम के दौरान सिरपुर के ऐतिहासिक मंदिरों, विहारों और प्रतिमाओं के माध्यम से इसकी गौरवशाली विरासत की जानकारी दी जाएगी। महोत्सव के आयोजन की जिम्मेदारी...
जनजातीय संस्कृति का महाउत्सव ‘बस्तर पंडुम 2026’
बस्तर अंचल की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, लोकपरंपराओं, कला और विरासत के संरक्षण व संवर्धन के उद्देश्य से ‘बस्तर पंडुम 2026’ का आयोजन शुरू हो गया है। यह महाउत्सव 10 जनवरी से 5 फरवरी 2026 तक तीन चरणों में आयोजित किया जा रहा है। आयोजन के तहत 10 से 20 जनवरी तक जनपद स्तरीय, 24 से 30 जनवरी तक जिला स्तरीय और 1 से 5 फरवरी तक संभाग स्तरीय कार्यक्रम होंगे। इस वर्ष बस्तर पंडुम में प्रतियोगिताओं और प्रदर्शनों की विधाओं की संख्या 7 से बढ़ाकर 12 कर दी गई है। इनमें जनजातीय...
‘परघनी’ में छत्तीसगढ़ी स्वाद, परंपरा और आत्मीयता का अनोखा अनुभव
छत्तीसगढ़ी खान-पान, लोक-संस्कृति और पारंपरिक आतिथ्य को समर्पित विशेष आयोजन ‘परघनी’ का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम अगोरा टूरिज्म के द्वारा आयोजित किया गया तथा अवधिया परिवार, रायपुर ने इसकी मेजबानी की। इस अवसर पर मेजबान ममता अवधिया ने अतिथियों को पारंपरिक छत्तीसगढ़ी थाली परोसी। थाली में स्थानीय सब्जियाँ, भाजी, बड़ी, मटकोली का लाल-भात, दही-चटनी, फरसों, तेंड़ी-झुरमी और अन्य देसी पकवान शामिल थे। पान की पत्तियों पर परोसी गई यह थाली अतिथियों के लिए विशेष आकर्षण बनी और सभी ने छत्तीसगढ़ की मिट्टी का असली स्वाद अनुभव किया। आयोजन का मुख्य आकर्षण...