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मानसून ने निखारी Balodabazar Waterfalls की खूबसूरती, प्रकृति प्रेमियों के लिए बने खास ठिकाने

लगातार हो रही मानसूनी बारिश ने बलौदाबाजार जिले के प्राकृतिक जलप्रपातों में नई जान फूंक दी है। सिद्धखोल, धसकुंड, आमाझरिया और कूटन नाला इन दिनों पूरे उफान पर हैं। चारों ओर हरियाली और पहाड़ियों के बीच गिरती जलधाराएं लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रही हैं। यही वजह है कि सप्ताहांत और छुट्टियों के दौरान बड़ी संख्या में पर्यटक इन स्थलों का रुख कर रहे हैं।

मानसून में निखरी प्राकृतिक खूबसूरती

जुलाई के दूसरे सप्ताह से सक्रिय मानसून के बाद जिले के मौसमी जलप्रपातों का स्वरूप पूरी तरह बदल गया है। बरसाती नालों में पानी बढ़ने से झरनों का सौंदर्य और भी आकर्षक हो गया है। स्थानीय लोगों के साथ-साथ आसपास के जिलों से भी पर्यटक यहां पहुंच रहे हैं।

चार जलप्रपात, चार अलग अनुभव

सिद्धखोल जलप्रपात

कसडोल से करीब 10 किलोमीटर दूर स्थित यह जिले का सबसे प्रसिद्ध जलप्रपात है। यहां सिद्धबाबा मंदिर और प्राकृतिक गुफा भी पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र हैं।

धसकुंड जलप्रपात

पिपरछेड़ी के पास स्थित यह लगभग 45 फीट ऊंचा जलप्रपात प्राकृतिक कुंड में गिरता है। सिरपुर आने वाले पर्यटक भी यहां पहुंच रहे हैं।

आमाझरिया जलप्रपात

मुख्य सड़क से महज 500 मीटर दूर स्थित यह स्थल मानसून में हरियाली और शांत वातावरण के कारण लोगों को खूब पसंद आता है।

कूटन नाला जलप्रपात

बोरसी गांव के पास स्थित यह जलप्रपात घने जंगल और पहाड़ियों के बीच बसा है। प्रकृति प्रेमियों के लिए यह एक बेहतरीन स्थान माना जाता है।

पर्यटन की बड़ी संभावनाएं

स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि इन जलप्रपातों तक बेहतर सड़क, पार्किंग, बैठने की व्यवस्था और मूलभूत सुविधाएं विकसित की जाएं तो ये जिले के प्रमुख पर्यटन केंद्र बन सकते हैं। इससे स्थानीय रोजगार और ग्रामीण पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

पर्यटकों के लिए अपील

प्राकृतिक स्थलों की सुंदरता बनाए रखने के लिए पर्यटकों से स्वच्छता बनाए रखने, प्लास्टिक का उपयोग नहीं करने और बारिश के दौरान सावधानी बरतने की अपील की जा रही है।

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