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बेड, किचन और बाथरूम वाली गाड़ी से घूमिए देश, कैरावैन खरीदने पर गुजरात सरकार देगी 50 प्रतिशत सब्सिडी 

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Trips N Trippers Editorial
Published on • Raipur, India
बेड, किचन और बाथरूम वाली गाड़ी से घूमिए देश, कैरावैन खरीदने पर गुजरात सरकार देगी 50 प्रतिशत सब्सिडी 

गुजरात में कैरावैन टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार नई पॉलिसी लाने की तैयारी कर रही है। पॉलिसी के ड्राफ्ट में कैरावैन खरीदने पर 40 से 50 प्रतिशत तक सब्सिडी देने का प्रस्ताव है। इसकी मंजूरी की प्रक्रिया अंतिम चरण में बताई गई है। एक कैरावैन की अनुमानित कीमत करीब 45 लाख रुपये रखी गई है। हालांकि, सब्सिडी की अंतिम दर और शर्तें मंजूरी के बाद ही स्पष्ट होंगी।

45 लाख रुपये में तैयार होगी कैरावैन

प्रस्तावित पॉलिसी के ड्राफ्ट के मुताबिक, एक कैरावैन तैयार करने में करीब 45 लाख रुपये खर्च हो सकते हैं। इसमें 25 से 30 लाख रुपये चेसिस पर खर्च होने का अनुमान है। वहीं, करीब 20 लाख रुपये गाड़ी की बॉडी और अंदर की सुविधाएं तैयार करने में लग सकते हैं।

कैरावैन या मोटरहोम एक ऐसा वाहन होता है, जिसमें घर जैसी सुविधाएं मिलती हैं। इसमें सोने के लिए बेड, बैठने के लिए सोफा, छोटा किचन, फ्रिज और बाथरूम जैसी सुविधाएं होती हैं। एक कैरावैन में चार से आठ लोग सफर कर सकते हैं।

टूरिस्ट एजेंट को तीन कैरावैन तक सब्सिडी का प्रस्ताव

ड्राफ्ट में एक टूरिस्ट एजेंट को अधिकतम तीन कैरावैन खरीदने पर सब्सिडी देने का प्रावधान है। इससे कैरावैन टूरिज्म को कारोबार के रूप में विकसित करने का अवसर मिल सकता है। हालांकि, योजना का लाभ लेने के लिए पात्रता और अन्य शर्तों का विवरण अंतिम पॉलिसी में ही स्पष्ट होगा।

कैरावैन में मिलती हैं घर जैसी सुविधाएं

कैरावैन को लंबी यात्राओं के दौरान ठहरने और आराम करने की सुविधा को ध्यान में रखकर तैयार किया जाता है। इसमें आमतौर पर ये सुविधाएं होती हैं:

सोने के लिए बेड और बैठने के लिए सोफा

छोटा किचन और फ्रिज

सामान रखने के लिए अलमारी

टॉयलेट और बाथरूम

टीवी और मल्टीमीडिया सिस्टम

पानी की टंकी

बैटरी, इनवर्टर और बिजली की व्यवस्था

कुछ मॉडलों में सोलर पावर, शॉवर और बाहर बैठने की सुविधा भी मिलती है।

गुजरात में 29 कैरावैन पार्क बनाने की घोषणा, लेकिन काम बाकी

कैरावैन टूरिज्म को सफल बनाने के लिए केवल गाड़ियां उपलब्ध कराना पर्याप्त नहीं है। इसके लिए पार्किंग, कैंपिंग साइट और यात्रियों की जरूरतों के मुताबिक सुविधाओं का नेटवर्क भी जरूरी है।

विदेशों में कैरावैन टूरिज्म इसी तरह के मजबूत नेटवर्क के सहारे विकसित हुआ है। गुजरात में पिछले साल 29 कैरावैन पार्क बनाने की घोषणा की गई थी, लेकिन अब तक ये पार्क अस्तित्व में नहीं आए हैं। ऐसे में प्रस्तावित पॉलिसी के साथ जरूरी बुनियादी सुविधाओं का विकास भी अहम होगा।

केरल में अच्छा रिस्पॉन्स, गोवा और महाराष्ट्र में शुरुआती दौर

भारत में केरल, गोवा और महाराष्ट्र में कैरावैन पॉलिसी लागू है। केरल में इसे अच्छा रिस्पॉन्स मिला है, जबकि गोवा और महाराष्ट्र में यह अभी शुरुआती चरण में है।

भारत में किराये पर कैरावैन लेने के लिए एक दिन का खर्च करीब 12 हजार से 15 हजार रुपये बताया गया है। ऐसे में कैरावैन टूरिज्म का विस्तार यात्रियों के साथ इस क्षेत्र में कारोबार करने वालों के लिए भी महत्वपूर्ण हो सकता है।

2030 तक 6 हजार करोड़ रुपये का हो सकता है बाजार

ग्रैंड व्यू की रिपोर्ट के मुताबिक, एशिया पैसिफिक क्षेत्र में भारत कैरावैन का सबसे तेजी से बढ़ने वाला बाजार है। अनुमान है कि देश का कैरावैन बाजार 2030 तक 6 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। वर्ष 2025 से 2030 के बीच इस बाजार में सालाना 17.2 प्रतिशत की वृद्धि होने की उम्मीद है।

ऑस्ट्रेलिया और यूरोप में मजबूत कैरावैन नेटवर्क

ऑस्ट्रेलिया और यूरोप कैरावैन टूरिज्म के बड़े बाजारों में शामिल हैं। ऑस्ट्रेलिया में 2025 के दौरान कैरावैन और कैंपिंग से जुड़ी 1.73 करोड़ ओवरनाइट ट्रिप दर्ज की गईं। इन यात्राओं के दौरान कुल 5.79 करोड़ रातें बिताई गईं। यूरोप में भी कैरावैन टूरिज्म के लिए मजबूत नेटवर्क मौजूद है।

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