दुबई एयरपोर्ट बंद, ईरान ने रोका होर्मुज जलमार्ग
मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध ने अब वैश्विक अर्थव्यवस्था की कमर तोड़नी शुरू कर दी है। ईरान द्वारा रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलमार्ग को अवरुद्ध करने के बाद दुनिया भर में ऊर्जा संकट का खतरा पैदा हो गया है। इस तनाव का सीधा असर हवाई सेवाओं पर पड़ा है, जिससे दुबई समेत खाड़ी देशों के 10 से ज्यादा दुबई एयरपोर्ट बंद हो गए हैं। भारतीय एयरलाइंस एअर इंडिया और इंडिगो ने अपनी सैकड़ों उड़ानें रद्द कर दी हैं, जिससे हजारों यात्री विदेशों में फंस गए हैं।
बता दें कि होर्मुज जलमार्ग से भारत की 50% कच्चे तेल और गैस की सप्लाई होती है। इस रास्ते के बंद होने से छत्तीसगढ़ में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी की आशंका है, जिससे परिवहन और माल ढुलाई महंगी हो जाएगी। साथ ही, दुबई और खाड़ी देशों में काम करने वाले राज्य के हजारों नागरिकों की घर वापसी और सुरक्षा पर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं।

कच्चे तेल में लगी आग, 7 महीने का टूटा रिकॉर्ड
ईरान-इजराइल तनाव के बीच कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतों में 3% से ज्यादा का उछाल आया है। फिलहाल कीमतें 73 डॉलर के करीब पहुंच गई हैं, जो पिछले 7 महीनों का रिकॉर्ड स्तर है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि होर्मुज जलमार्ग लंबे समय तक बंद रहा, तो क्रूड के दाम 110 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकते हैं। भारत के लिए यह स्थिति चिंताजनक है क्योंकि तेल आयात बिल बढ़ने से रुपया डॉलर के मुकाबले और कमजोर होगा।
दुबई एयरपोर्ट पर कामकाज ठप, भारत की 26 उड़ानें रद्द
युद्ध की स्थिति को देखते हुए दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर परिचालन पूरी तरह बंद कर दिया गया है। सामान्य दिनों में यहां रोज करीब 1300 विमान उतरते-उड़ते हैं। एअर इंडिया और इंडिगो ने लंदन, शिकागो, न्यूयॉर्क और टोरंटो सहित 26 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द रखी हैं। केंद्र सरकार ने एयरलाइंस को वैकल्पिक रूट (डायवर्जन) पर काम करने के निर्देश दिए हैं, जिससे यात्रा का समय और टिकट की कीमतें दोनों बढ़ेंगी।
सोना-चांदी और बाजार में हलचल
सोना-चांदी: सुरक्षित निवेश की तलाश में लोग सोने की ओर भाग रहे हैं, जिससे सोना 1.90 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 3.5 लाख प्रति किलो तक पहुंच सकती है।
शेयर बाजार: कल बाजार खुलते ही प्रमुख सूचकांकों में 1-1.5% की गिरावट की आशंका जताई जा रही है। विमानन, पेंट्स और लॉजिस्टिक्स जैसे सेक्टर उच्च इनपुट लागत के कारण दबाव में रहेंगे।
महंगाई: रुपया कमजोर होने और तेल आयात महंगा होने से देश में आम उपभोग की वस्तुओं की कीमतें बढ़ सकती हैं।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय अब ईरान पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है ताकि होर्मुज जलमार्ग को दोबारा खोला जा सके। भारत सरकार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और फंसे हुए भारतीयों की सुरक्षित वापसी के लिए कूटनीतिक प्रयास तेज कर दिए गए हैं। अगले कुछ दिनों में विमानन मंत्रालय नई ट्रैवल एडवाइजरी जारी कर सकता है।