नंदनवन का होगा कायाकल्प, पर्यटन को मिलेगी नई पहचान, 50 करोड़ की परियोजना को मंजूरी
छत्तीसगढ़ सरकार रायपुर के अटारी स्थित प्रसिद्ध नंदनवन को नए स्वरूप में विकसित करने की तैयारी कर रही है। पर्यटन को बढ़ावा देने और प्राकृतिक धरोहर को बेहतर तरीके से संवारने के उद्देश्य से नंदनवन का पुनर्विकास पीपीपी यानी सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल पर किया जाएगा। प्रस्तावित परियोजना पर करीब 50 करोड़ रुपये खर्च होंगे। नंदनवन पीपीपी समिति ने परियोजना के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में हुई उच्च स्तरीय बैठक में नंदनवन पुनर्विकास की प्रस्तावित परियोजना का प्रस्तुतिकरण किया गया। बैठक में नंदनवन के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और इसे पर्यावरण तथा पर्यटन के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने को लेकर चर्चा हुई।
पीपीपी मॉडल से बदलेगा स्वरूप
प्रस्तावित योजना के तहत नंदनवन को आधुनिक और अंतरराष्ट्रीय स्तर के पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए सार्वजनिक और निजी क्षेत्र की सहभागिता ली जाएगी। परियोजना में पर्यटकों की सुविधाओं और परिसर के बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने पर जोर रहेगा।
नंदनवन के बॉटनिकल गार्डन का भी पुनर्विकास किया जाएगा। प्राकृतिक संतुलन और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए इसे नए सिरे से संवारा जाएगा। परिसर में पर्यटकों के लिए आधुनिक बुनियादी ढांचा, स्वच्छ सुविधाएं और बेहतर जन-सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
बच्चों और परिवारों के लिए जुड़ेंगे नए आकर्षण
नंदनवन को परिवारों और बच्चों के लिए भी अधिक आकर्षक बनाने की योजना है। परिसर में मनोरंजन के लिए नए आकर्षण और गतिविधियां जोड़ी जाएंगी। इससे नंदनवन में आने वाले स्थानीय और बाहरी पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाने की कोशिश की जाएगी।
राज्य सरकार की योजना प्राकृतिक संपदा के संरक्षण के साथ पर्यटन को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। इसी दिशा में नंदनवन का पुनर्विकास प्रकृति, पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक सुविधाओं को एक साथ जोड़ने वाली परियोजना के रूप में आगे बढ़ाया जा रहा है।
पर्यटन और पर्यावरण का बनेगा संगम
नंदनवन के पुनर्विकास का उद्देश्य इसे सिर्फ एक मनोरंजन स्थल के तौर पर विकसित करना नहीं है। परियोजना के तहत पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन सुविधाओं के बीच संतुलन बनाने पर जोर दिया जाएगा। आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ प्राकृतिक स्वरूप को बेहतर तरीके से विकसित करने की योजना है।
परियोजना पूरी होने के बाद नंदनवन स्थानीय लोगों के साथ बाहर से आने वाले पर्यटकों के लिए भी अधिक सुविधाजनक और आकर्षक गंतव्य बन सकेगा।
बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, पीसीसीएफ अरुण कुमार पांडेय, विधि एवं विधायी विभाग के प्रमुख सचिव मनीष कुमार ठाकुर, नीति आयोग के सदस्य आशीष भट्ट, वित्त विभाग सहित समिति के अन्य सदस्य और विभिन्न विभागों के प्रमुख अधिकारी मौजूद रहे।