कोलकाता में छा गया छत्तीसगढ़! TTF-2026 में बस्तर की संस्कृति देख मंत्रमुग्ध हुए पर्यटक
कोलकाता के विश्व बंगला प्रांगण में इन दिनों छत्तीसगढ़ का रंग चढ़ा हुआ है। ट्रैवल एंड टूरिज्म फेयर (TTF)-2026 में छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल का पवेलियन सैलानियों और टूर ऑपरेटर्स के लिए हॉट स्पॉट बन गया है। 10 से 12 जुलाई तक चल रहे इस फेयर में छत्तीसगढ़ की जनजातीय संस्कृति और प्राकृतिक सुंदरता को करीब से देखने के लिए भारी भीड़ उमड़ रही है।

विदेशी मेहमान भी हुए मुरीद
फेयर के उद्घाटन के दौरान जब छत्तीसगढ़ के पवेलियन का दरवाजा खुला, तो वहां पहुंचे दिग्गजों की आंखें फटी रह गईं। गोवा के पर्यटन मंत्री रोहन ए. खंवटे, उत्तराखंड के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज और थाईलैंड की महावाणिज्य दूत सुश्री सिरीपोर्न तांतीपन्याथेप ने स्टॉल का दौरा किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ के धार्मिक और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों की जमकर तारीफ की। राज्य की समृद्ध विरासत देख थाईलैंड की महावाणिज्य दूत ने भी काफी रुचि दिखाई।
निवेश और पर्यटकों के लिए खुला नया रास्ता

यह फेयर केवल दिखावे के लिए नहीं है, बल्कि यहां छत्तीसगढ़ के लिए व्यापारिक मौके भी तलाशे जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड के अध्यक्ष नीलू शर्मा और एमडी विवेक आचार्य ने बड़े-बड़े टूर ऑपरेटर्स और होटल समूहों के साथ सीधे मीटिंग की है।
सूत्रों के मुताबिक, बातचीत का मुख्य एजेंडा छत्तीसगढ़ में इन्वेस्टमेंट और टूरिज्म पैकेज को बढ़ावा देना है। बस्तर के चित्रकोट और तीरथगढ़ जलप्रपात से लेकर सिरपुर और भोरमदेव तक, हर जगह को टूरिज्म सर्किट से जोड़ने की प्लानिंग है।
क्यों खास है कोलकाता का यह मंच?
पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के लोगों के लिए छत्तीसगढ़ हमेशा से पहेली रहा है, लेकिन अब उन्हें आकर्षित करने का मौका है। फेयर में 28 टूर ऑपरेटर्स और होटल संचालक छत्तीसगढ़ की तरफ से हिस्सा ले रहे हैं।
छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड का मानना है कि इस तरह के नेशनल मंच मिलने से न केवल पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि राज्य के टूरिज्म सेक्टर में प्राइवेट इन्वेस्टमेंट भी बढ़ेगा। कोलकाता में छिड़ी यह चर्चा आने वाले दिनों में छत्तीसगढ़ को देश के टॉप टूरिस्ट डेस्टिनेशन में लाकर खड़ा कर सकती है।