प्रकृति की गोद में रोमांच- मोहरेंगा नेचर सफारी
प्रकृति के करीब, पर्यावरण को नुकसान पहुँचाए बिना और स्थानीय संस्कृति व वन्यजीवों का सम्मान करते हुए की जाने वाली यात्रा है। इसका मुख्य उद्देश्य वन एवं वन्यजीव का संरक्षण, शिक्षा और स्थानीय समुदायों को लाभ पहुँचाना ही ईको-पर्यटन है। रायपुर जिले के खरोरा के पास ग्राम मोहरेंगा में ‘नेचर सफारी मोहरेंगा’ में नई ईको-पर्यटन सुविधाओं का शुभारंभ किया गया। विधायक सर्वश्री किरण सिंहदेव, अनुज शर्मा और प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) अरुण कुमार पाण्डेय सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि...
गंगरेल नौकायान उत्सव से धमतरी को मिली नई पहचान
आज का दिन धमतरी जिले के लिए ऐतिहासिक बन गया, जब पहली बार गंगरेल बांध की शांत एवं मनमोहक जलधारा पर गंगरेल नौकायान उत्सव के अंतर्गत भव्य महानदी रिवर बोट चैंपियनशिप का सफल आयोजन किया गया। मचान हाट प्वाइंट से गंगरेल ब्लू एडवेंचर स्पोर्ट्स प्वाइंट तक 1000 मीटर की चुनौतीपूर्ण दूरी में आयोजित इस रोमांचक प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने अद्भुत गति, संतुलन और टीम वर्क का प्रदर्शन किया। आयोजन स्थल पर उत्साह, रोमांच और जनसहभागिता का अद्वितीय संगम देखने को मिला। 52 टीमों ने दिखाया दम… महानदी की लहरों पर दौड़ी...
Chhattisgarh Tourism Board Showcases State’s Potential Through FAM Tour
The Chhattisgarh Tourism Board successfully organized a six-day Familiarization (FAM) Tour from March 13 to18, 2026, aimed at promoting the state’s tourism potential among key stakeholders across India. The initiative brought together nearly 30 tour operators and travel agents from regions including Ranchi, Maharashtra, Chennai, Bengaluru, Andaman & Nicobar Islands, West Bengal, Karnataka, Delhi, and Odisha. The program offered participants an immersive experience of Chhattisgarh’s diverse tourism landscape, including its natural beauty, waterfalls, forest ecosystems, heritage sites, and vibrant tribal culture. To ensure comprehensive exposure, the delegates were divided into two curated...
कोंडागांव में छिपा था सदियों पुराना राज!
छत्तीसगढ़ की धरती में दबी प्राचीन सभ्यताओं और इतिहास के पन्नों को अब एक नई पहचान मिलने वाली है। दरअसल, कोंडागांव जिले के नवागढ़ क्षेत्र में मिली प्राचीन प्रतिमाओं और पुरातात्विक अवशेषों को लेकर संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने बड़ा कदम उठाया है। 5वीं-6वीं शताब्दी की इन दुर्लभ कलाकृतियों की खबर मिलने के बाद मंत्री ने विशेषज्ञों की टीम को मौके पर भेजने के निर्देश दिए हैं। जानकारी के अनुसार, नवागढ़ क्षेत्र में लंबे समय से प्राचीन अवशेषों के होने की चर्चा थी। हाल ही में वहां मिली प्रतिमाओं और शिल्प...
छत्तीसगढ़ के शिमला – मैनपाट में अब केरल जैसी मौज
छत्तीसगढ़ के शिमला कहे जाने वाले मैनपाट जाने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी है। अब यहां की वादियों में घूमने के साथ-साथ पर्यटकों को रहने के लिए वर्ल्ड क्लास सुविधाएं मिलेंगी। दरअसल, राज्य सरकार ने मैनपाट में अटल विहार योजना के तहत 4.80 हेक्टर (12 एकड़) जमीन छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल को सौंप दी है, जहाँ अब एक शानदार पर्यटन-आवासीय परिसर तैयार किया जाएगा। क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी?मिली जानकारी के अनुसार, गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष अनुराग सिंह देव ने इस प्रोजेक्ट की रूपरेखा साझा की है। इस परिसर को इस तरह...
जशपुर घूमने का बना रहे प्लान? तो इन होमस्टे में रुकना न भूलें
दरअसल, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में ग्रामीण पर्यटन को लेकर जो पहल शुरू की गई है, उसका असर अब जशपुर जिले में साफ दिखाई दे रहा है। अगर आप भीड़-भाड़ से दूर किसी शांत जगह की तलाश में हैं, तो जशपुर के गांवों में बने ये होमस्टे आपके लिए बेस्ट डेस्टिनेशन हो सकते हैं। हाल के दिनों में यहाँ पर्यटकों की संख्या में जो उछाल आया है, वो वाकई हैरानी की बात है। जशपुर की वादियों में मेहमाननवाजी का नया दौर बता दें कि जशपुर के गांवों में...
धमनी बना छत्तीसगढ़ का नया टूरिज्म हब
बलौदाबाजार जिले के लोगों के लिए एक अच्छी खबर है। अब आपको वीकेंड पर घूमने के लिए कहीं दूर जाने की जरूरत नहीं है, क्योंकि वनमंडल बलौदाबाजार के अंतर्गत आने वाले ईको-पर्यटन ग्राम धमनी में अब नौकाविहार की सुविधा शुरू कर दी गई है। महानदी के शांत तट पर शुरू हुई यह पहल न केवल पर्यटकों का दिल जीतेगी, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए कमाई का नया जरिया भी बनेगी। महानदी के तट पर अब बढ़ेगा पर्यटन का क्रेज हैरानी की बात यह है कि बलौदाबाजार का धमनी गांव अपनी प्राकृतिक सुंदरता...
अब विदेशी सैलानियों को भी भा रहा छत्तीसगढ़िया स्वैग: बस्तर से मैनपाट तक बढ़ रहा टूरिस्टों का क्रेज
दरअसल, छत्तीसगढ़ अब सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के पर्यटन मानचित्र पर अपनी एक अलग और धाकड़ पहचान बना रहा है। हैरानी की बात यह है कि साल 2025 में ही 800 से ज्यादा विदेशी पर्यटक छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता और जनजातीय संस्कृति को करीब से देखने पहुंचे हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, राज्य की अनछुई वादियों और यहां की सादगी ने विदेशों में भी धूम मचा दी है। बस्तर में बनेगा ग्लोबल टूरिज्म हब बता दें कि पर्यटन के मामले में बस्तर सबसे आगे निकल रहा है।...
पश्चिम एशिया में तनाव को देखते हुए भारत सरकार का बड़ा कदम
पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र में उत्पन्न वर्तमान तनावपूर्ण परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए, भारत सरकार ने सुरक्षा और सतर्कता के मद्देनजर एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। विदेश मंत्रालय ने इस स्थिति की लगातार निगरानी करने और वहां फंसे या प्रभावित हो सकने वाले भारतीय नागरिकों की सहायता के लिए एक विशेष नियंत्रण कक्ष की स्थापना की है। यह कदम क्षेत्र में अस्थिरता के बीच नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। विदेश मंत्रालय द्वारा स्थापित यह विशेष नियंत्रण कक्ष पूरी तरह से सक्रिय...
छत्तीसगढ़ में रंगों से पहले मिठास की रस्म; क्या आपने पहनी है बताशों वाली हरवा माला?
छत्तीसगढ़ में होली का मतलब सिर्फ रंग, गुलाल और हुड़दंग नहीं है, बल्कि यहां इस त्यौहार की शुरुआत एक बेहद मीठी परंपरा से होती है। प्रदेश में सदियों से हरवा माला यानी शक्कर के बताशों से बनी खास माला पहनाकर होली का शुभारंभ किया जाता है। यह परंपरा केवल स्वाद तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे छत्तीसगढ़ी संस्कृति में प्रेम, सौहार्द और बड़ों के आशीर्वाद का सबसे बड़ा प्रतीक माना जाता है। जहां देश के अन्य हिस्सों में लोग सीधे रंगों से खेलना शुरू करते हैं, वहीं छत्तीसगढ़ में पहले रिश्तों...