जशपुर घूमने का बना रहे प्लान? तो इन होमस्टे में रुकना न भूलें
दरअसल, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में ग्रामीण पर्यटन को लेकर जो पहल शुरू की गई है, उसका असर अब जशपुर जिले में साफ दिखाई दे रहा है। अगर आप भीड़-भाड़ से दूर किसी शांत जगह की तलाश में हैं, तो जशपुर के गांवों में बने ये होमस्टे आपके लिए बेस्ट डेस्टिनेशन हो सकते हैं। हाल के दिनों में यहाँ पर्यटकों की संख्या में जो उछाल आया है, वो वाकई हैरानी की बात है।
जशपुर की वादियों में मेहमाननवाजी का नया दौर
बता दें कि जशपुर के गांवों में शुरू हुए होमस्टे का क्रेज अब रायपुर से लेकर मध्य प्रदेश तक पहुंच गया है। हाल ही में रायपुर से आए पर्यटकों ने केरे स्थित महुआ होमस्टे में रुककर वहां के शांत वातावरण और गांव के सादगी भरे जीवन का लुत्फ उठाया। पर्यटकों का कहना है कि यहाँ का खान-पान और ग्रामीणों की आत्मीय मेहमाननवाजी उन्हें शहर की भागदौड़ से दूर एक अलग ही सुकून दे रही है।

क्यों खास हैं जशपुर के ये होमस्टे?
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, जशपुर के देवोबरा मयाली में स्थित बनफूल होमस्टे भी पर्यटकों की पहली पसंद बनता जा रहा है। यहां मध्य प्रदेश के सीधी जिले से आए सैलानियों ने प्रकृति की सुंदरता के बीच यादगार पल बिताए। जिला प्रशासन की ओर से की गई इन कोशिशों के चलते स्थानीय लोगों को भी रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं।
- स्थानीय संस्कृति: यहां रुकने वाले पर्यटकों को छत्तीसगढ़ की पारंपरिक संस्कृति और खान-पान को करीब से जानने का मौका मिल रहा है।
- रोजगार का जरिया: होमस्टे कल्चर बढ़ने से स्थानीय युवाओं और ग्रामीणों की आमदनी में भी अच्छी खासी बढ़ोतरी हो रही है।
- प्रशासन की नजर: जिला प्रशासन पूरे क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को व्यवस्थित करने में जुटा है ताकि पर्यटकों को कोई दिक्कत न हो।
बता दें कि कार्तिकेय सिंह, कुसुम, अरविन्द पटेल और निधि जैसे कई पर्यटक जशपुर के इन होमस्टे में रुककर बेहद खुश हैं। आने वाले समय में प्रशासन और भी कई गांवों को पर्यटन मानचित्र पर लाने की तैयारी कर रहा है। अगर आप भी कुदरत की गोद में कुछ दिन बिताना चाहते हैं, तो जशपुर के ये होमस्टे आपका इंतजार कर रहे हैं।