न्यूजीलैंड दौरे पर मोदी की अनोखी भेंट, चर्चा में छत्तीसगढ़ की कला Dhokra Tree of Life
भारत की संस्कृति का डंका अब सात समंदर पार भी बज रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन को एक खास तोहफा दिया। उन्होंने उन्हें छत्तीसगढ़ के बस्तर की मशहूर Dhokra Tree of Life शिल्पकृति भेंट की। इस भेंट ने पूरी दुनिया में बस्तर की कला का मान बढ़ा दिया है।
बस्तर की कला को वैश्विक पहचान
यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ के शिल्पकारों के लिए किसी बड़े सम्मान से कम नहीं है। बस्तर की हजारों साल पुरानी जनजातीय कला अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर है। प्रधानमंत्री द्वारा इस कला का चयन यह दिखाता है कि हमारी जड़ें कितनी गहरी हैं। इसके अलावा, राज्य की सांस्कृतिक विरासत को अब नई ऊंचाई मिली है।
मुख्यमंत्री साय की पहल का असर
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार लगातार काम कर रही है। सरकार जनजातीय कला और कलाकारों को हर संभव मंच दे रही है। संस्कृति विभाग भी लोक परंपराओं को सहेजने के लिए नई नीतियां अपना रहा है। नतीजतन, आज छत्तीसगढ़ का हस्तशिल्प वैश्विक कूटनीति का हिस्सा बन गया है। इस सम्मान से स्थानीय शिल्पकारों का मनोबल काफी बढ़ गया है।
क्या है ढोकरा शिल्प की खासियत?
बस्तर की यह कला दुनिया की सबसे प्राचीन धातु ढलाई विधियों में शामिल है। कारीगर इसे Lost Wax Casting तकनीक से हाथों से तैयार करते हैं। इस तकनीक में मोम के सांचों का इस्तेमाल किया जाता है। हर एक कलाकृति अपने आप में अद्वितीय और बेहद सुंदर होती है। यह शिल्पकृति केवल एक धातु का टुकड़ा नहीं है। यह प्रकृति के साथ हमारे गहरे जुड़ाव का प्रतीक है।
जीवन और प्रकृति का सुंदर संदेश
यह ‘जीवन वृक्ष’ शिल्पकृति भारतीय दर्शन और प्रकृति के तालमेल को दर्शाती है। यह परस्पर जुड़ाव और समृद्धि का गहरा संदेश देती है। न्यूजीलैंड की संस्कृति में भी प्रकृति के साथ जुड़ाव का बहुत महत्व है। इसलिए, यह उपहार दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक संवाद का सेतु बना है। यह कलाकृति भविष्य में भी भारत की पहचान को और मजबूत करेगी।