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devrani
18 May

देवरानी-जेठानी मंदिर- पत्थरों पर जीवंत इतिहास और रहस्यमयी शिल्प का संगम

छत्तीसगढ़ की हृदयस्थली में बिलासपुर जिले में बसा ताला केवल एक पुरातत्व स्थल नहीं, बल्कि भारतीय स्थापत्य कला की उस पराकाष्ठा का प्रमाण है, जहाँ पत्थर बोलते हैं। रायपुर-बिलासपुर राजमार्ग पर मनियारी नदी के तट पर स्थित देवरानी-जेठानी मंदिर अपनी अद्वितीय मूर्तिकला और रहस्यमयी रूद्र शिव प्रतिमा के कारण दुनिया भर के इतिहासकारों और पर्यटकों के लिए कौतूहल का विषय बना हुआ है। मनियारी के तट पर गुप्तकालीन वैभव बिलासपुर से लगभग 30 किलोमीटर दूर ताला गांव में स्थित ये दो शिव मंदिर लगभग 1500 वर्ष पुराने (छठवीं-सातवीं शताब्दी) माने जाते हैं।...

Dantewada
18 May

दंतेवाड़ा का दंतेश्वरी मंदिर, जनजातीय परंपरा और सनातन आस्था का प्रतीक

छत्तीसगढ़ के दक्षिणी अंचल बस्तर की सांस्कृतिक पहचान और आध्यात्मिक चेतना का सबसे महत्वपूर्ण केंद्र दंतेवाड़ा स्थित दंतेश्वरी मंदिर। शंखिनी और डंकिनी नदियों के पवित्र संगम तट पर स्थित यह मंदिर केवल श्रद्धा का प्रतीक नहीं, बल्कि बस्तर की समृद्ध ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और जनजातीय परंपराओं का जीवंत दस्तावेज भी है। देवी दंतेश्वरी को संपूर्ण बस्तर अंचल की अधिष्ठात्री देवी माना जाता है और यह मंदिर देश के प्रमुख शक्तिपीठों में विशेष स्थान रखता है। मान्यता है कि जब माता सती ने अपने पिता दक्ष के यज्ञ में आत्मदाह किया और भगवान...

cg
29 Apr

छत्तीसगढ़ का केरे गांव बना राष्ट्रीय आकर्षण

छत्तीसगढ़ में ग्रामीण पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयास अब जमीनी स्तर पर प्रभावी परिणाम देने लगे हैं। श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संचालित पहल के तहत जशपुर जिले का केरे गांव तेजी से राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रहा है। यह गांव अब सामुदायिक भागीदारी और आत्मनिर्भरता पर आधारित ग्रामीण पर्यटन का एक सशक्त उदाहरण बनकर उभर रहा है। साय सरकार के दूरदर्शी नेतृत्व में छत्तीसगढ़ ग्रामीण पर्यटन के क्षेत्र में एक नई पहचान गढ़ रहा है, जहां...

gyan
13 Apr

छत्तीसगढ़ में ज्ञानभारतम पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान को मिली रफ्तार

केंद्र सरकार द्वारा शुरू किया गया ज्ञानभारतम राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान छत्तीसगढ़ में तेजी से गति पकड़ रहा है। इस महत्वपूर्ण पहल का उद्देश्य राज्य में उपलब्ध प्राचीन एवं ऐतिहासिक पांडुलिपियों का सर्वेक्षण कर उन्हें सुरक्षित, संरक्षित एवं डिजिटल माध्यम से भावी पीढ़ियों तक पहुंचाना है। मार्च 2026 से प्रारंभ इस राष्ट्रव्यापी अभियान में छत्तीसगढ़ की सक्रिय भागीदारी देखने को मिल रही है। प्रदेश के 33 जिलों में से अब तक 26 जिलों में जिला स्तरीय समितियों का गठन कर नोडल अधिकारियों की नियुक्ति कर दी गई है, जबकि शेष 7...

riders
31 Mar

बस्तर राइडर्स मीट 2026 4 अप्रैल को होगा ऐतिहासिक आयोजन

छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल में 4 अप्रैल 2026 को एक अनूठा और रोमांच से भरपूर आयोजन “बस्तर राइडर्स मीट 2026” होने जा रहा है। गरुड़ा राइडिंग क्लब के तत्वावधान में आयोजित यह कार्यक्रम क्षेत्र का पहला और अब तक का सबसे बड़ा राइडर्स मीट माना जा रहा है, जिसमें देशभर के बाइक प्रेमी हिस्सा लेंगे। इस आयोजन की खास बात यह है कि यह केवल रफ्तार और एडवेंचर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, पारंपरिक विरासत और प्राकृतिक सौंदर्य को भी राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करेगा। बस्तर...

24 Mar

प्रकृति की गोद में रोमांच- मोहरेंगा नेचर सफारी

प्रकृति के करीब, पर्यावरण को नुकसान पहुँचाए बिना और स्थानीय संस्कृति व वन्यजीवों का सम्मान करते हुए की जाने वाली यात्रा है। इसका मुख्य उद्देश्य वन एवं वन्यजीव का संरक्षण, शिक्षा और स्थानीय समुदायों को लाभ पहुँचाना ही ईको-पर्यटन है। रायपुर जिले के खरोरा के पास ग्राम मोहरेंगा में ‘नेचर सफारी मोहरेंगा’ में नई ईको-पर्यटन सुविधाओं का शुभारंभ किया गया। विधायक सर्वश्री किरण सिंहदेव, अनुज शर्मा और प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) अरुण कुमार पाण्डेय सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि...

foreign
10 Mar

अब विदेशी सैलानियों को भी भा रहा छत्तीसगढ़िया स्वैग: बस्तर से मैनपाट तक बढ़ रहा टूरिस्टों का क्रेज

दरअसल, छत्तीसगढ़ अब सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के पर्यटन मानचित्र पर अपनी एक अलग और धाकड़ पहचान बना रहा है। हैरानी की बात यह है कि साल 2025 में ही 800 से ज्यादा विदेशी पर्यटक छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता और जनजातीय संस्कृति को करीब से देखने पहुंचे हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, राज्य की अनछुई वादियों और यहां की सादगी ने विदेशों में भी धूम मचा दी है। बस्तर में बनेगा ग्लोबल टूरिज्म हब बता दें कि पर्यटन के मामले में बस्तर सबसे आगे निकल रहा है।...

dhudmaras
20 Feb

धुड़मारास बनेगा ग्लोबल टूरिज्म विलेज

छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले का एक छोटा सा गांव धुड़मारास अब दुनिया के पर्यटन मानचित्र पर चमकने के लिए तैयार है। संयुक्त राष्ट्र (UN) से संबद्ध अंतरराष्ट्रीय पर्यटन विशेषज्ञ किर्सी ह्यवैरिनेन 23 से 28 फरवरी तक बस्तर के विशेष दौरे पर आ रही हैं। यह 6 दिवसीय प्रवास न केवल धुड़मारास बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के ग्रामीण पर्यटन के लिए एक ऐतिहासिक मोड़ साबित होने वाला है। अब सात समंदर पार पहुंचेगी बस्तर की संस्कृति बस्तर के लिए यह दौरा किसी बड़े निवेश से कम नहीं है। संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन (UN...

21 Jan

माओवाद पर अंकुश के बाद पर्यटकों से गुलजार हुआ बस्तर

कभी बंदूक की आवाज और डर के साये में सिमटा बस्तर अब शांति, हरियाली और पर्यटन की नई कहानी कह रहा है। जिन जंगलों को लंबे समय तक माओवाद असुरक्षा से जोड़ा गया, वही जंगल आज सैलानियों के लिए सुकून और रोमांच का पता बनते जा रहे हैं। माओवाद पर प्रभावी नियंत्रण के बाद बस्तर ने न सिर्फ हालात बदले हैं, बल्कि अपनी पहचान भी नए सिरे से गढ़ी है। घने जंगल, ऊंचे पहाड़, झरनों की गूंज और आदिवासी संस्कृति की सरलता अब देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित कर रही है।...

Bastar
3 Feb

बस्तर में इको-टूरिज्म को नई उड़ान

छत्तीसगढ़ का बस्तर अपनी अद्वितीय प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है। अब यहां के तीरथगढ़ और कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान के पास स्थित मांझीपाल में बैंबू राफ्टिंग की शुरुआत की गई है, जो बस्तर में इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए द्वार खोल रही है। यह पहल इको-डेवलपमेंट समिति द्वारा कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान के सहयोग से शुरू की गई है, जिसका उद्देश्य रोमांचक पर्यटन और सतत विकास को एक साथ आगे बढ़ाना है। बस्तर में इको-टूरिज्म :- प्रकृति के बीच रोमांच का नया...