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कोंडागांव - विदेशी पर्यटकों को लुभा रही टाटामारी के विहंगम दृश्यों की सुंदरता - Travel News
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Trips N Trippers / India  / Chhattisgarh  / कोंडागांव – विदेशी पर्यटकों को लुभा रही टाटामारी के विहंगम दृश्यों की सुंदरता
kondagaon
19 Jan

कोंडागांव – विदेशी पर्यटकों को लुभा रही टाटामारी के विहंगम दृश्यों की सुंदरता

कोंडागांव की संस्कृति और प्राकृतिक सौंदर्य अपने आप में विलक्षण है। पहले इस पर्यटन स्थल की जानकारी किसी को भी नहीं थी। मगर जिले में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए केन्द्रीय पर्यटन मंत्रालय के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन की ओर से जिले में मावा कोंडानार पर्यटन सर्किट का विकास किया गया है।

इस सर्किट के बन जाने के बाद से पर्यटकों की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई है। जहां एक साल में 1 लाख से अधिक लोगों ने टाटामारी के विहंगम दृश्यों का आनंद लिया। वहीं विदेशों से आये 50 से अधिक पर्यटकों ने यहां की सुंदरता को सराहा है।

फ्रांस के अल्बाने और गेल ने बताया कि वे इससे पहले कई स्थानों पर गए, लेकिन कोण्डागांव में पुरातन परम्परा और यहां के लोगों की सादगी उन्हें बहुत पसंद आई। आदिवासी लोगों से मिलकर और उनकी दिनचर्या को पास से देखने का मौका मिला, जिससे उन्हें बहुत खुशी मिली।

कोंडागांव विदेशी पर्यटकों को लुभा रही टाटामारी के विहंगम दृश्यों की सुंदरता

कोंडागांव ने मन मोह लिया

वहीं फ्रांस से पहुंची क्लेयर ने बताया कि, उन्होंने दो बार टाटामारी और कोण्डागांव का भ्रमण किया है। पहली बार जब अपने दोस्तों के साथ आई तो उन्हें यहां की सुंदरता ने उनका मन मोह लिया। जब उन्होंने अपनी मां को इसकी जानकारी दी तो वो भी उनके साथ कोण्डागांव भ्रमण करने आ गईं।

फिनलेंड के थॉमस, निकोडेम, टोपीयाज ने कहा कि कोण्डागांव में स्थानीय युवाओं की ओर से हमें ट्रेकिंग करते हुए जलप्रपातों, वनस्पतियों को देखना और प्रकृति के बीच प्राकृतिक माहौल में मांझिनगढ़ के ऊपर कैम्पिंग करने का अनुभव अपने आप में अनुठा था. उन्हें यहां आकर बहुत खुशी महसूस हुई।

सीविल सेवाओं की तैयारी के लिए प्रसिद्ध असिस्टेंट प्रोफसर और कांउसलर डॉ. विजेन्द्र सिंह चौहान भी हाल ही में बस्तर के प्रवास पर थे। उन्होंने अपने प्रवास की शुरुआत कोण्डागांव जिले के टाटामारी पर्यटन स्थल से की। वे टाटामारी के प्राकृतिक सौंदर्य और विहंगम दृश्य को देखकर मंत्र मुग्ध हो गए।

बता दें कि कोण्डागांव को शिल्प नगरी के रूप में जाना जाता है। मगर अब इसे पर्यटन स्थल के रूप में पहचान दिलाने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा लगातार प्रयास किया जा रहा है। इसमें कोण्डागांव हस्तशिल्प महोत्सव, जल जंगल यात्रा, कोण्डागांव एडवेंचर फेस्टिवल, फायर फ्लाई ट्रेल, हेरिटेज वॉक, स्टार गेजिंग फेस्टिवल, भंगाराम यात्रा, मांझिनगढ़ वन महोत्सव, फ्रिडम ट्रेक आदि आयोजन कराया जा चुका है।