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कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान -
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kanger
7 Nov

कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान

कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान

कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान का नाम कांगेर नदी से निकला है, जो इसकी लंबाई में बहती है। कांगेर घाटी लगभग 200 वर्ग किलोमीटर में फैला है |
कांगेर घाटी ने 1982 में एक राष्ट्रीय उद्यान की स्थिति प्राप्त की। ऊँचे पहाड़ , गहरी घाटियाँ, विशाल पेड़ और मौसमी जंगली फूलों एवं वन्यजीवन की विभिन्न प्रजातियों के लिए यह अनुकूल जगह है । कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान एक मिश्रित नम पर्णपाती प्रकार के वनों का एक विशिष्ट मिश्रण है जिसमे साल ,सागौन , टीक और बांस के पेड़ बहुताइत में है। यहाँ की सबसे लोकप्रिय प्रजातियां जो अपनी मानव आवाज के साथ सभी को मंत्रमुग्ध करती हैं वह बस्तर मैना है। राज्य पक्षी, बस्तर मैना, एक प्रकार का हिल माइन (ग्रुकुला धर्मियोसा) है, जो मानव आवाज का अनुकरण करने में सक्षम है। जंगल दोनों प्रवासी और निवासी पक्षियों का घर है।
वन्यजीवन और पौधों के अलावा, यह राष्ट्रीय उद्यान तीन असाधारण गुफाओं का घर है- कुटुम्बसर, कैलाश और दंडक-स्टेलेग्माइट्स और स्टैलेक्टसाइट्स के आश्चर्यजनक भूगर्भीय संरचनाओं के लिए प्रसिद्ध है। राष्ट्रीय उद्यान ड्रिपस्टोन और फ्लोस्टोन के साथ भूमिगत चूना पत्थर की गुफाओं की उपस्थिति के लिए जाना जाता है। स्टेलेग्माइट्स और स्टैलेक्टसाइट्स का गठन अभी भी बढ़ रहे हैं। राष्ट्रीय उद्यान में गुफा, वन्यजीवन की विभिन्न प्रजातियों के लिए आश्रय प्रदान करते हैं। राष्ट्रीय उद्यान के पूर्वी हिस्से में स्थित भैंसाधार में रेतीले तट देखे जाते हैं जहां मगरमच्छ (क्रोकोड्लस पालस्ट्रिस) इसका उपयोग मूलभूत उद्देश्यों के लिए करते हैं।
तीरथगढ़ झरना कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में स्थित है| इसके साथ ही साथ केंजरधार और भैंसाधार मगरमच्छ पार्क के लिए लोकप्रिय पर्यटक स्थल हैं। पार्क की प्राकृतिक सुंदरता का पता लगाने के लिए जिप्सी सफारी पर्यटकों के लिए उपलब्ध है।

कैसे पहुंचें:

हवाई मार्ग द्वारा
जगदलपुर (बस्तर ) का स्वंय हवाई अड्डा वर्तमान में एयर ओडिशा द्वारा संचालित है | यहाँ से रायपुर एवं विशाखापत्तनम के लिए हवाई सेवा प्रारंभ है | इसके आलावा डी.आर.डी.ओ,एयर फोर्स,बी.एस.एफ एवं सी.आर.पी.एफ. निजी चार्टर प्लेन यहाँ संचालित करते हैं | छत्तीसगढ़ का मुख्य हवाई अड्डा स्वामी विवेकानंद हवाई अड्डा, रायपुर है ,जिसकी दूरी जगदलपुर(बस्तर ) से 300 किमी है । यह भोपाल, इंदौर, दिल्ली, कोलकाता और मुंबई आदि जैसे प्रमुख शहरों से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है।
ट्रेन द्वारा
जगदलपुर रेलवे लाइन से विशाखापट्नम एवं रायपुर से भी जुड़ा हुआ है |जगदलपुर रेलवे स्टेशन को लौह अयस्क के किरंदुल से विशाखापत्तनम परिवहन हेतु मुख्य रूप से उपयोग किया जाता है | इसका संचालन पूर्व तट रेलवे द्वारा किया जाता है | यहाँ से विशाखापत्तनम -किरंदुल ,दुर्ग-जगदलपुर ,हावडा-कोरापुट ,हीराकुंड एक्सप्रेस एवं जगदलपुर -विशाखापत्तनम (रात्रिकालीन एक्सप्रेस ) का संचालन किया जा रहा है |वर्तमान में रावघाट -जगदलपुर रेलवे लाइन का कार्य प्रगति पर है |
सड़क के द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच 30 और रायपुर, भिलाई आदि जैसे कई अन्य राज्य राजमार्गों के एक अच्छी तरह से जुड़ा रोड़ नेटवर्क हैं। जगदलपुर से एवं जगदलपुर के लिए नियमित बस सेवाएं, एक्सप्रेस या स्लीपर बसे चलती है | जगदलपुर के अंतर्राज्यीय बस स्टैंड से तेलंगाना राज्य परिवहन निगम की बस जगदलपुर से हैदराबाद ,आंध्र प्रदेश राज्य परिवहन निगम की बस जगदलपुर से विशाखापट्नम ,विजयवाड़ा एवं राजमेहंदरी ,ओड़ीशा राज्य परिवहन से मलकानगिरी,भुवनेश्वर एवं जयपुर ओडिशा में लिए नियमित बसे हैं |

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