Themli Island Dhamtari: गंगरेल बांध के बीच बसा छत्तीसगढ़ का खूबसूरत पर्यटन स्थल
धमतरी: छत्तीसगढ़ के पर्यटकों के लिए बड़ी खुशखबरी है. गंगरेल जलाशय के बीच बने आइलैंड को पर्यटन के लिए सजाया संवारा जाने लगा है. धमतरी कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने गंगरेल क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए संचालित विभिन्न विकास कार्यों और ठेमली आइलैंड में चल रहे विकास कार्यों का निरीक्षण किया. कलेक्टर ने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए हैं. कलेक्टर अबिनाश मिश्रा अधिकारियों के साथ पैदल चलकर पाथवे निर्माण कार्य का निरीक्षण करने पहुंचे. कलेक्टर ने व्यू प्वाइंट और वाच टावर कहां बनाए जाएंगे इसको लेकर जगह का सिलेक्शन किया
दिल जीतने वाला है ठेमली आइलैंड
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने ठेमली आइलैंड में किये जाने वाले विभिन्न विकास कार्यों की भी जानकारी अफसरों से ली. निरीक्षण के दौरान डीएफओ श्रीकृष्ण जाधव, जिला पंचायत सीईओ गजेन्द्र सिंह ठाकुर, सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे. कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने गंगरेल जलाशय के आसपास विकसित किए जा रहे पर्यटन अधोसंरचना कार्यो जैसे पहुंच मार्गों का सुदृढ़ीकरण, सौंदर्यीकरण, पर्यटक सुविधाओं का विस्तार, स्वच्छता व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंधन तथा सांकेतिक बोर्ड की स्थापना की विस्तार से समीक्षा की. कलेक्टर ने कहा कि गंगरेल धमतरी जिले की पहचान है और इसे एक सुव्यवस्थित, स्वच्छ एवं आकर्षक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करना प्रशासन की प्राथमिकता है. उन्होंने स्पष्ट किया कि पर्यटन विकास से स्थानीय युवाओं, महिला स्व-सहायता समूहों एवं ग्रामीण उद्यमियों के लिए स्वरोजगार के अवसर सृजित किए जाएंगे.
पर्यटकों की सुविधा का होगा खास ख्याल
कलेक्टर ने यह भी निर्देशित किया कि ठेमली आइलैंड में पर्यटकों की सुविधा हेतु पेयजल, शौचालय, कचरा प्रबंधन, पार्किंग, प्राथमिक उपचार किट एवं सुरक्षा गार्ड की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए. साथ ही, पर्यटन स्थल की जानकारी देने के लिए डिजाइंड डिस्प्ले बोर्ड, रास्ता बताने वाले बोर्ड एवं स्थानीय जैव-विविधता से संबंधित जानकारी दी जाए, जिससे पर्यटक क्षेत्र की प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक विशेषताओं से रू-ब-रू हो सकें.

छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में स्थित गंगरेल बांध अपनी प्राकृतिक खूबसूरती और शांत वातावरण के लिए जाना जाता है। इसी बांध के बीच मौजूद ठेमली आईलैंड अब प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में अपनी पहचान बनाने की क्षमता रखता है। चारों ओर पानी, पहाड़ और हरियाली से घिरा यह आईलैंड प्रकृति प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र है।
गंगरेल के 7 आईलैंड में सबसे बड़ा ठेमली
गंगरेल बांध छोटे-बड़े कुल 7 आईलैंड का समूह है। इनमें ठेमली आईलैंड सबसे बड़ा है। इसके अलावा गुंडरा, ठेमसरा, नंगारा, नकटीदेव, रामटेकरी और सटियारा आईलैंड भी मौजूद हैं। ठेमली आईलैंड करीब 15 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है। इसकी सबसे खास बात यह है कि यह चारों दिशाओं से पानी से घिरा हुआ है। आसपास के पहाड़ और हरियाली यहां आने वाले पर्यटकों को प्राकृतिक अनुभव देते हैं।
शांत वातावरण और जैव विविधता है खास पहचान
गंगरेल क्षेत्र हरियाली से भरपूर है। यहां शांत वातावरण के साथ कई तरह के पक्षी और रंग-बिरंगी तितलियां देखने को मिलती हैं। प्राकृतिक सुंदरता, जल क्षेत्र और वन क्षेत्र का मेल इसे खास बनाता है। ठेमली आईलैंड से गंगरेल बांध और आसपास के पहाड़ी इलाकों का खूबसूरत नजारा दिखाई देता है। यहां सूर्योदय और सूर्यास्त का दृश्य पर्यटकों को खास आकर्षित करता है।
बोटिंग से पहुंचते हैं पर्यटक
ठेमली आईलैंड तक पहुंचने के लिए गंगरेल बांध के बोटिंग पाइंट से नाव का सहारा लिया जाता है। बोटिंग पाइंट से आईलैंड की दूरी करीब 4 किलोमीटर है। जल, जंगल और पहाड़ों के बीच स्थित यह आईलैंड छत्तीसगढ़ में वॉटर टूरिज्म और ईको टूरिज्म के लिए एक बेहतर स्थान बन सकता है।
प्राकृतिक अनुभव के लिए खास जगह
ठेमली आईलैंड पर पर्यटक प्राकृतिक सुंदरता, शांत वातावरण और जलाशय के मनोरम दृश्यों का आनंद ले सकते हैं। आने वाले समय में यह स्थान प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल होने की संभावना रखता है।
पर्यावरण संरक्षण का भी रखा जाएगा ध्यान

कलेक्टर ने वन विभाग एवं पंचायत विभाग को समन्वय स्थापित कर आइलैंड क्षेत्र में स्थानीय प्रजातियों का वृक्षारोपण, हरित पट्टी विकास एवं पर्यावरण संरक्षण के उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. कलेक्टर ने कहा कि विकास कार्य पर्यावरणीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए किए जाएं, ताकि प्राकृतिक सौंदर्य अक्षुण्ण बना रहे. निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए, तथा गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न किया जाए. कलेक्टर ने कहा कि सुनियोजित प्रयासों, विभागीय समन्वय और जनसहभागिता से गंगरेल-ठेमली आईलैंड क्षेत्र निकट भविष्य में प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में अपनी विशिष्ट पहचान बनाएगा और स्थानीय स्तर पर आर्थिक एवं सामाजिक विकास को नई दिशा देगा.