प्रकृति की गोद में रोमांच- मोहरेंगा नेचर सफारी
प्रकृति के करीब, पर्यावरण को नुकसान पहुँचाए बिना और स्थानीय संस्कृति व वन्यजीवों का सम्मान करते हुए की जाने वाली यात्रा है। इसका मुख्य उद्देश्य वन एवं वन्यजीव का संरक्षण, शिक्षा और स्थानीय समुदायों को लाभ पहुँचाना ही ईको-पर्यटन है। रायपुर जिले के खरोरा के पास ग्राम मोहरेंगा में ‘नेचर सफारी मोहरेंगा’ में नई ईको-पर्यटन सुविधाओं का शुभारंभ किया गया। विधायक सर्वश्री किरण सिंहदेव, अनुज शर्मा और प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) अरुण कुमार पाण्डेय सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि...
अब विदेशी सैलानियों को भी भा रहा छत्तीसगढ़िया स्वैग: बस्तर से मैनपाट तक बढ़ रहा टूरिस्टों का क्रेज
दरअसल, छत्तीसगढ़ अब सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के पर्यटन मानचित्र पर अपनी एक अलग और धाकड़ पहचान बना रहा है। हैरानी की बात यह है कि साल 2025 में ही 800 से ज्यादा विदेशी पर्यटक छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता और जनजातीय संस्कृति को करीब से देखने पहुंचे हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, राज्य की अनछुई वादियों और यहां की सादगी ने विदेशों में भी धूम मचा दी है। बस्तर में बनेगा ग्लोबल टूरिज्म हब बता दें कि पर्यटन के मामले में बस्तर सबसे आगे निकल रहा है।...
धुड़मारास बनेगा ग्लोबल टूरिज्म विलेज
छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले का एक छोटा सा गांव धुड़मारास अब दुनिया के पर्यटन मानचित्र पर चमकने के लिए तैयार है। संयुक्त राष्ट्र (UN) से संबद्ध अंतरराष्ट्रीय पर्यटन विशेषज्ञ किर्सी ह्यवैरिनेन 23 से 28 फरवरी तक बस्तर के विशेष दौरे पर आ रही हैं। यह 6 दिवसीय प्रवास न केवल धुड़मारास बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के ग्रामीण पर्यटन के लिए एक ऐतिहासिक मोड़ साबित होने वाला है। अब सात समंदर पार पहुंचेगी बस्तर की संस्कृति बस्तर के लिए यह दौरा किसी बड़े निवेश से कम नहीं है। संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन (UN...
माओवाद पर अंकुश के बाद पर्यटकों से गुलजार हुआ बस्तर
कभी बंदूक की आवाज और डर के साये में सिमटा बस्तर अब शांति, हरियाली और पर्यटन की नई कहानी कह रहा है। जिन जंगलों को लंबे समय तक माओवाद असुरक्षा से जोड़ा गया, वही जंगल आज सैलानियों के लिए सुकून और रोमांच का पता बनते जा रहे हैं। माओवाद पर प्रभावी नियंत्रण के बाद बस्तर ने न सिर्फ हालात बदले हैं, बल्कि अपनी पहचान भी नए सिरे से गढ़ी है। घने जंगल, ऊंचे पहाड़, झरनों की गूंज और आदिवासी संस्कृति की सरलता अब देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित कर रही है।...
बस्तर में इको-टूरिज्म को नई उड़ान
छत्तीसगढ़ का बस्तर अपनी अद्वितीय प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है। अब यहां के तीरथगढ़ और कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान के पास स्थित मांझीपाल में बैंबू राफ्टिंग की शुरुआत की गई है, जो बस्तर में इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए द्वार खोल रही है। यह पहल इको-डेवलपमेंट समिति द्वारा कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान के सहयोग से शुरू की गई है, जिसका उद्देश्य रोमांचक पर्यटन और सतत विकास को एक साथ आगे बढ़ाना है। बस्तर में इको-टूरिज्म :- प्रकृति के बीच रोमांच का नया...
‘‘ द बस्तर मड़ई ’’ सांस्कृतिक-पुरातात्विक एवं पर्यटन स्थलों का जीवंत चित्रण
देश के विभिन्न हिस्सों से आए सोशल मीडिया इनफ्लुरेन्स करेंगे ‘‘द बस्तर मड़ई‘‘ का प्रमोशन बस्तर की अपनी नैसर्गिक सौंदर्य, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, अनूठी सामाजिक ताना-बाना और ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक महत्व के स्थलों के बारे में सोशल मीडिया के इनफ्लुरेन्स अब देश-दुनिया को परिचित करवाएंगे। शुक्रवार को आसना स्थित बादल अकादमी में बस्तर जिला प्रशासन के अधिकारियों ने देश के विभिन्न हिस्सों से आए सोशल मीडिया इनफ्लुरेन्स से चर्चा करते हुए ‘द बस्तर मड़ई’ कॉन्सेप्ट के माध्यम से बस्तर को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने सहयोग प्रदान किये जाने कहा।...
A Journey through Famous Tourist Places of Chhattisgarh
Nestled in the heart of India, Chhattisgarh beckons travelers with its vibrant culture, rich history, and breathtaking landscapes. From cascading waterfalls to ancient temples, this state is a treasure trove of diverse experiences waiting to be discovered. Let's embark on a journey through some of Chhattisgarh's most famous tourist places, each offering a unique glimpse into the soul of this enchanting land. Famous tourist places - Chitrakote Falls: The Jewel of Bastar Our first stop takes us to the majestic famous tourist places - Chitrakote Falls, often dubbed as the 'Niagara Falls...
छत्तीसगढ़ के इन नए रूट्स पर फ्लाइट सेवा
बस्तरवासीयों को जल्द ही बड़ी सौगात मिलने जा रही है। इंडिगो की फ्लाइट अब 31 मार्च से जगदलपुर के मां दंतेश्वरी एयरपोर्ट से नियमित रूप से उड़ान भरेगी। यह फ्लाइट जगदलपुर से रायपुर और हैदराबाद के बीच चलेगी। बता दें कि फिलहाल बस्तर के लिए इन दोनों शहरों के बीच एयर कनेक्टिविटी के लिए एलायंस एयर की उड़ानें चल रही हैं। मगर अब अब इंडिगो की उड़ानें शुरू होने से यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा। जानकारी के अनुसार विमान शुरू करने की तैयारी पूरी कर ली गई है। डीजीसीए से हरी झंडी...
अध्यात्म की नगरी आरंग का है राजा मोरध्वज से कनेक्शन
अध्यात्म की नगरी आरंग का है राजा मोरध्वज से कनेक्शन, जिन्होंने दी थी अपने बेटे की बलि आरंग अब राजा मोरध्वज नगर के नाम से जाना जाएगा। संस्कृति मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने इसकी घोषणा की है। पर्यटन मंत्री राजा मोरध्वज महोत्सव के समापन अवसर पर घोषणा की कि उन्होंने कहा कि आरंग और आस-पास के क्षेत्रों में बिखरे पुरातात्विक अवशेषों को सहेजने के लिए 25 लाख रूपए की लागत से अध्यात्म की नगरी आरंग में संग्रहालय बनाया जाएगा। उन्होंने राजा मोरध्वज महोत्सव को भव्य स्वरूप देने के लिए प्रत्येक वर्ष 5...
कोंडागांव – विदेशी पर्यटकों को लुभा रही टाटामारी के विहंगम दृश्यों की सुंदरता
कोंडागांव की संस्कृति और प्राकृतिक सौंदर्य अपने आप में विलक्षण है। पहले इस पर्यटन स्थल की जानकारी किसी को भी नहीं थी। मगर जिले में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए केन्द्रीय पर्यटन मंत्रालय के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन की ओर से जिले में मावा कोंडानार पर्यटन सर्किट का विकास किया गया है। इस सर्किट के बन जाने के बाद से पर्यटकों की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई है। जहां एक साल में 1 लाख से अधिक लोगों ने टाटामारी के विहंगम दृश्यों का आनंद लिया। वहीं विदेशों से आये 50 से...