“Chitrakote Waterfall: India’s Niagara Marvel”
Situated in the Bastar region of Chhattisgarh near Jagdalpur, Chitrakote Waterfall, often hailed as the Indian counterpart to Niagara Falls, emerges as one of the nation's most mesmerizing natural wonders. Carved by the Indravati River as it descends from the Vindhya Range, this expansive and majestic cascade showcases several notable features: A Natural Spectacle:Chitrakote Waterfall stands as a testament to natural beauty, particularly enthralling during the monsoon season when the Indravati River reaches its peak splendor. The water gracefully descends through a gorge, creating a captivating visual spectacle. The lush greenery...
जी-20 में पहुंची फर्स्ट लेडी ने बस्तर की महिला किसानों के मिलेट से बने लड्डू का लिया स्वाद
बस्तर का मिलेट विशेषकर मिलेट से बने लड्डू जी-20 में आये राष्ट्राध्यक्षों और उनकी पत्नी को काफ़ी भाया। अवसर था जी-20 देशों में भाग लेने वाले प्रमुखों की प्रथम महिलाओं और जीवनसाथियों को 9 सितंबर को पूसा रोड पर आईएआरआई परिसर में एक कृषि प्रदर्शनी के लिए विशेष निमंत्रण दिया गया छत्तीसगढ़ के बस्तर से आयी महिलाओं ने मिलेट से बनने वाले पकवानों पर विशेष तैयारियां की थी। बस्तर ज़िले के बास्तानर ब्लॉक से आयी संगीता कश्यप ने बताया कि उन्होंने मिलेट के लड्डू, रागी कुकीज़, रागी चकली, कोदो-कुटकी आदि मिलेट...
‘बस्तर ऑन बाइक’ का हुआ आयोजन
छत्तीसगढ़ के बस्तर और सरगुजा संभाग प्राकृतिक सौंदर्य और संपदा से भरपूर है। छत्तीसगढ़ के प्राकृतिक सौंदर्य और ऐतिहासिक धरोहरों को विश्व स्तर पर पहुंचाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की विशेष पहल पर राज्य सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने विशेष प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में बस्तर के पर्यटन को बढ़ावा देने छत्तीसगढ़ एवं सीमावर्ती राज्यों से 60 राइडर्स का मोटर बाइक सर्किट तैयार कर ’देखो बस्तर सीजन 2-बस्तर ऑन बाइक’ आयोजन 18 और 19 जून को किया गया। यह आयोजन कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान द्वारा...
माउस डियर – कांगेर घाटी में दिखा अब सबसे छोटे कद का हिरण…
छत्तीसगढ़ में बस्तर स्थित विख्यात कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में अब दुर्लभ प्रजाति 'माउस डियर' की तस्वीर कैमरा ट्रेप में कैद हुई है। हाल ही में वहां राष्ट्रीय उद्यान में संकटापन्न जंगली भेडिय़ों की वापसी के साथ-साथ इससे लगे गांवों तक छत्तीसगढ़ की राजकीय पक्षी 'पहाड़ी मैना' की भी मीठी बोली गूंजने लगी है। यह वन विभाग की पहल से वन्यजीवों के सुरक्षित रहवास के लिए हो रहे कार्यों के सकारात्मक परिणाम को दर्शाता है। उल्लेखनीय है कि भारत में पाए जाने वाले हिरणों की 12 प्रजातियों में से माउस...
जंगली भेडिय़ों की कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में हुई वापसी…
छत्तीसगढ़ में बस्तर के कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में लगातार चल रहे वन्य प्राणियों के संरक्षण और संवर्धन के प्रयास सफल होते नजर आ रहे हैं। राष्ट्रीय उद्यान प्रबंधन द्वारा जगह-जगह पर पेट्रोलिंग कैंप और वन्य प्राणियों के सुरक्षा हेतु स्थानीय आदिवासी युवाओं को पैट्रोलिंग गार्ड के रूप में नियुक्त कर लगातार मॉनिटरिंग की व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने से वन्य प्राणियों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। हाल ही में जंगली भेडिय़ों की ट्रैप कैमेरा में तस्वीर और वीडियो सामने आया है, जिसमे 3 के झुंड में भेडिय़ा...
बस्तर में देखो बस्तर थीम पर टूरिज्म मीट 17 फरवरी से
बस्तर में देखो बस्तर थीम पर टूरिज्म मीट 17 फरवरी से...
“आर या पार” में दिखी ‘चित्रकोट’ की खूबसूरती…
पिछले साल वेबसीरीज आर या पार का टीजर लांच हो चुका है। आपको बता दें कि इस वेबसीरिज की शूटिंग बस्तर की हसीन वादियों में हुई है। मिनी नियाग्रा के नाम से मशहूर छत्तीसगढ़ के बस्तर में मौजूद चित्रकोट वाटरफॉल में इसकी शूटिंग की गई है। डिज्नी हॉटस्टार पर आ चुकी इस वेब सीरीज का बस्तरवासी का बड़ी बेसब्री से इंतजार था । इसके डायरेक्टर बॉलीवुड के नकुल सहदेव हैं। इस वेब सीरीज में आदित्य रावल और आशीष विद्यार्थी जैसे मशहूर कलाकार लीड रोल में हैं। चित्रकोट वाटरफॉल में हुए स्टंट...
छत्तीसगढ़ की पर्वतारोही नैना सिंह को मिला राष्ट्रीय पुरस्कार
छत्तीसगढ़ की पर्वतारोही नैना सिंह धाकड़ को राष्ट्रपति के हाथों मिला लैंड एडवेंचर राष्ट्रीय पुरस्कार बस्तर की बेटी और प्रदेश की पर्वतारोही नैना सिंह धाकड़ को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों तेजनिंग नोर्गे राष्ट्रीय पुरस्कार के तहत लैंड एडवेंचर का पुरस्कार मिला है, दरअसल नैना सिंह धाकड़ भारत की पहली महिला बन गई हैं जिसने माउंट एवरेस्ट और माउंट लहोत्से में 10 दिनों के भीतर सबसे ऊंची चोटी पर चढ़ाई की है और इस साहसिक कार्य के लिए राष्ट्रपति ने तेनजिंग नोर्गे राष्ट्रीय पुरस्कार के तहत 15 लाख रुपए की राशि,...
देवगुड़ियों और घोटूलों का किया जा रहा संरक्षण
सांस्कृतिक धरोहरों से परिपूर्ण बस्तर संभाग में शासन की महत्वपूर्ण योजना के तहत संभाग के देवगुड़ियों, मातागुड़ी, घोटुल और मृतक स्मारक स्थलों को संरक्षित करने का कार्य किया जा रहा है। इसके तहत बस्तर संभाग में 06 हजार 318 देवगुड़ी, मातागुड़ी, घोटुल और मृतक स्मारक स्थलों को संरक्षित करने के लिए राजस्व अभिलेख में शत प्रतिशत दर्ज कर लिया गया है, जिसमें 02 हजार 481 देवगुड़ी, 02 हजार 935 मातागुड़ी, 564 घोटुल और 338 प्राचीन मृतक स्मारक शामिल हैं। देवगुड़ियों और मातागुड़ियों के लिए साथ ही घोटुलों के जीर्णोद्धार और...