छत्तीसगढ़: नक्सल छाया से पर्यटन हब तक की शानदार यात्रा
कभी नक्सल प्रभावित राज्य की छवि से पहचाना जाने वाला छत्तीसगढ़ अब तेजी से देश के उभरते पर्यटन हब के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। प्राकृतिक सौंदर्य, प्राचीन विरासत और जीवंत आदिवासी संस्कृति से समृद्ध यह प्रदेश अब नई नीतियों और आधारभूत ढांचे के विकास के कारण राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है। राज्य सरकार की प्राथमिकता में सुरक्षा, कनेक्टिविटी और पर्यटन अधोसंरचना को शीर्ष स्थान दिया गया है। नई औद्योगिक नीति 2024 - 30 में पर्यटन को उद्योग का दर्जा देकर निवेशकों को सब्सिडी,...
मुख्यमंत्री साय ने झुमका जलाशय को दी ओपन थिएटर की सौगात
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कोरिया प्रवास के दौरान पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा बैकुंठपुर स्थित प्रसिद्ध झुमका पर्यटन स्थल में निर्मित ओपन थिएटर का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने झुमका जलाशय में बोटिंग करते हुए क्षेत्र के मनोहारी प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लिया तथा यहां विकसित की गई पर्यटन सुविधाओं का अवलोकन किया। शिकारा की सवारी कर जाना सुविधाओं का हाल मुख्यमंत्री ने झुमका जलाशय में शिकारा पर सवार होकर नौका विहार किया। चारों ओर हरियाली, शांत जलराशि और कमल के फूलों से सजा यह रमणीय स्थल अब एक आकर्षक...
Five Lotus Indo – German Wellness Centre: A mindful journey along the Sirpur-Barnawapara Tourism Circuit
Chhattisgarh’s Sirpur-Barnawapara Tourism Circuit is steadily moving beyond conventional sightseeing, emerging as a destination rooted in wellness, heritage, and eco-tourism. Strengthening this vision, Dhaskud Nest has joined hands with Five Lotus Indo-German Wellness Centre to introduce a thoughtfully curated Retreat Tour Package designed for mindful and experience-driven travelers. Located at Raitum, near the Barnawapara Wildlife Sanctuary, the Five Lotus Indo-German Wellness Centre, in collaboration with Dhaskud Nest, has launched a 3 Nights and 4 Days retreat package that blends natural healing, meditation, cultural exploration, and nature-based tourism. The initiative aims to...
सनातन संस्कृति और विरासत से जुड़े सभी प्राचीन धरोहरों का होगा संरक्षण – राजेश अग्रवाल
नगर पंचायत मल्हार में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने देउर मंदिर और पातालेश्वर मंदिर परिसर तथा संग्रहालय का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मंदिरों की प्राचीन संरचना, मूर्तियों की स्थिति और संग्रहालय में रखे ऐतिहासिक अवशेषों का जायजा लिया। मंत्री ने स्थानीय अधिकारियों और पुरातत्व विभाग के अधिकारियों के साथ चर्चा की तथा संरक्षण कार्यों की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। यह निरीक्षण प्रदेश सरकार की सनातन संस्कृति और ऐतिहासिक धरोहरों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मल्हार क्षेत्र अपनी प्राचीन मंदिरों और विरासत...
बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य में टीम इंडिया के खिलाड़ियों ने लिया जंगल सफारी का आनंद
भारत और न्यूजीलैंड के बीच रायपुर में होने वाले टी-20 मुकाबले से भारतीय क्रिकेट टीम के शीर्ष खिलाड़ियों ने छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार जिले स्थित प्रसिद्ध बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य का भ्रमण किया। व्यस्त मैच शेड्यूल के बीच खिलाड़ियों के लिए यह सफारी अनुभव सुकून और ताजगी से भरपूर रहा। खुले जीप सफारी में सूर्यकुमार यादव, संजू सैमसन, वरुण चक्रवर्ती, रिंकू सिंह और कुलदीप यादव ने अभयारण्य की प्राकृतिक सुंदरता और समृद्ध जैव-विविधता को करीब से देखा। हरियाली, शांत वातावरण और वन्यजीवों को देखकर खिलाड़ी काफी उत्साहित नजर आए। इस अवसर पर सीसीएफ...
माओवाद पर अंकुश के बाद पर्यटकों से गुलजार हुआ बस्तर
कभी बंदूक की आवाज और डर के साये में सिमटा बस्तर अब शांति, हरियाली और पर्यटन की नई कहानी कह रहा है। जिन जंगलों को लंबे समय तक माओवाद असुरक्षा से जोड़ा गया, वही जंगल आज सैलानियों के लिए सुकून और रोमांच का पता बनते जा रहे हैं। माओवाद पर प्रभावी नियंत्रण के बाद बस्तर ने न सिर्फ हालात बदले हैं, बल्कि अपनी पहचान भी नए सिरे से गढ़ी है। घने जंगल, ऊंचे पहाड़, झरनों की गूंज और आदिवासी संस्कृति की सरलता अब देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित कर रही है।...
जनजातीय संस्कृति का महाउत्सव ‘बस्तर पंडुम 2026’
बस्तर अंचल की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, लोकपरंपराओं, कला और विरासत के संरक्षण व संवर्धन के उद्देश्य से ‘बस्तर पंडुम 2026’ का आयोजन शुरू हो गया है। यह महाउत्सव 10 जनवरी से 5 फरवरी 2026 तक तीन चरणों में आयोजित किया जा रहा है। आयोजन के तहत 10 से 20 जनवरी तक जनपद स्तरीय, 24 से 30 जनवरी तक जिला स्तरीय और 1 से 5 फरवरी तक संभाग स्तरीय कार्यक्रम होंगे। इस वर्ष बस्तर पंडुम में प्रतियोगिताओं और प्रदर्शनों की विधाओं की संख्या 7 से बढ़ाकर 12 कर दी गई है। इनमें जनजातीय...
छत्तीसगढ़ की प्राचीन धरोहर बनेगी विश्व स्तरीय पर्यटन स्थल
केंद्र सरकार की स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के तहत छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में 146 करोड़ रू. की लागत से भोरमदेव कॉरिडोर परियोजना का विकास किया जा रहा है। भूमिपूजन दिसंबर 2025 के अंतिम सप्ताह में प्रस्तावित है, जिसमें मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के साथ केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत शामिल होंगे। यह ऐतिहासिक निर्णय राज्य के पुरातात्विक और धार्मिक स्थलों को जोड़कर राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करेगा। 146 करोड़ रू. की लागत से काशी की तर्ज पर बनेगा भव्य भोरमदेव कॉरिडोर 1000 वर्ष पुरानी धरोहर को नया जीवन भोरमदेव मंदिर के...
‘परघनी’ में छत्तीसगढ़ी स्वाद, परंपरा और आत्मीयता का अनोखा अनुभव
छत्तीसगढ़ी खान-पान, लोक-संस्कृति और पारंपरिक आतिथ्य को समर्पित विशेष आयोजन ‘परघनी’ का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम अगोरा टूरिज्म के द्वारा आयोजित किया गया तथा अवधिया परिवार, रायपुर ने इसकी मेजबानी की। इस अवसर पर मेजबान ममता अवधिया ने अतिथियों को पारंपरिक छत्तीसगढ़ी थाली परोसी। थाली में स्थानीय सब्जियाँ, भाजी, बड़ी, मटकोली का लाल-भात, दही-चटनी, फरसों, तेंड़ी-झुरमी और अन्य देसी पकवान शामिल थे। पान की पत्तियों पर परोसी गई यह थाली अतिथियों के लिए विशेष आकर्षण बनी और सभी ने छत्तीसगढ़ की मिट्टी का असली स्वाद अनुभव किया। आयोजन का मुख्य आकर्षण...
‘पर्यटन साथी’ प्रोजेक्ट: 62 युवाओं को कलेक्टर ने दिए जॉब ऑफर लेटर
छत्तीसगढ़ के युवाओं को रोजगार से जोड़ने और राज्य के पर्यटन क्षेत्र में नई ऊर्जा लाने के उद्देश्य से चल रहे ‘पर्यटन साथी प्रोजेक्ट’ का समापन हुआ। इस कार्यक्रम में जिला प्रशासन और ईस टूरिज्म फाउंडेशन द्वारा प्रशिक्षित युवाओं को जॉब ऑफर लेटर प्रदान किए गए। कार्यक्रम में कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने 62 युवाओं को प्रमाण पत्र और इंफ्राटेल ट्रिप प्लान्स, टूरिज्म प्लस सहित कई प्रतिष्ठित कंपनियों में जॉब ऑफर लेटर प्रदान किए। प्रोजेक्ट के दौरान युवाओं को 120 घंटे का विशेष स्किल-आधारित प्रशिक्षण दिया गया था। इस प्रशिक्षण में स्थानीय...