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10 Mar

अब विदेशी सैलानियों को भी भा रहा छत्तीसगढ़िया स्वैग: बस्तर से मैनपाट तक बढ़ रहा टूरिस्टों का क्रेज

दरअसल, छत्तीसगढ़ अब सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के पर्यटन मानचित्र पर अपनी एक अलग और धाकड़ पहचान बना रहा है। हैरानी की बात यह है कि साल 2025 में ही 800 से ज्यादा विदेशी पर्यटक छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता और जनजातीय संस्कृति को करीब से देखने पहुंचे हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, राज्य की अनछुई वादियों और यहां की सादगी ने विदेशों में भी धूम मचा दी है। बस्तर में बनेगा ग्लोबल टूरिज्म हब बता दें कि पर्यटन के मामले में बस्तर सबसे आगे निकल रहा है।...

SATTE 2026
28 Feb

Chhattisgarh Draws the Spotlight at South Asia Travel & Tourism Expo 2026

Chhattisgarh made a strong impression on the international tourism stage as the Chhattisgarh Tourism Board showcased the state’s diverse travel offerings at the South Asia Travel & Tourism Expo 2026 held at Yashobhoomi from February 25 to 27. A grand Chhattisgarh pavilion stood at the centre of attention throughout the three-day international South Asia Travel & Tourism Expo 2026, presenting the state’s natural beauty, rich tribal heritage, the unique identity of Bastar, spiritual destinations, wildlife circuits, and adventure tourism opportunities. 36 Stakeholders Present a Unified Tourism Pitch Thirty-six registered stakeholders participated alongside the...

26 Feb

बस्तर से वैश्विक मंच तक छत्तीसगढ़ पर्यटन की नई उड़ान

छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल में इन दिनों पर्यटन विकास की एक नई और सकारात्मक इबारत लिखी जा रही है। संयुक्त राष्ट्र से संबद्ध अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ और हिवा कोचिंग एंड कंसल्टिंग की संस्थापक किर्सी ह्यवैरिनेन के छह दिवसीय प्रवास ने राज्य के पर्यटन क्षेत्र को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण गति प्रदान की है। उनका यह दौरा केवल औपचारिक भ्रमण नहीं, बल्कि स्थानीय समुदाय आधारित सतत पर्यटन मॉडल को वैश्विक मानकों से जोड़ने की ठोस रणनीतिक पहल के रूप में देखा जा रहा...

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26 Feb

छत्तीसगढ पर्यटन का स्वर्णिम दौर: बजट 2026-27 में बड़े ऐलान

छत्तीसगढ़ विधानसभा में वित्त मंत्री ओपी चौधरी द्वारा प्रस्तुत बजट 2026-27 राज्य के पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मस्व विभागों के लिए व्यापक और दूरदर्शी प्रावधानों के साथ सामने आया है। छत्तीसगढ पर्यटन और सांस्कृतिक धरोहर को आर्थिक विकास के इंजन के रूप में स्थापित करने के संकल्प पर आगे बढ़ रही है। छत्तीसगढ पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि यह बजट ‘सुरक्षित, सक्षम, और खुशहाल छत्तीसगढ़‘ के संकल्प को सिद्ध करने वाला ऐतिहासिक दस्तावेज है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के विजन और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के...

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18 Feb

छत्तीसगढ़: नक्सल छाया से पर्यटन हब तक की शानदार यात्रा

कभी नक्सल प्रभावित राज्य की छवि से पहचाना जाने वाला छत्तीसगढ़ अब तेजी से देश के उभरते पर्यटन हब के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। प्राकृतिक सौंदर्य, प्राचीन विरासत और जीवंत आदिवासी संस्कृति से समृद्ध यह प्रदेश अब नई नीतियों और आधारभूत ढांचे के विकास के कारण राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है। राज्य सरकार की प्राथमिकता में सुरक्षा, कनेक्टिविटी और पर्यटन अधोसंरचना को शीर्ष स्थान दिया गया है। नई औद्योगिक नीति 2024 - 30 में पर्यटन को उद्योग का दर्जा देकर निवेशकों को सब्सिडी,...

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18 Feb

मुख्यमंत्री साय ने झुमका जलाशय को दी ओपन थिएटर की सौगात

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कोरिया प्रवास के दौरान पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा बैकुंठपुर स्थित प्रसिद्ध झुमका पर्यटन स्थल में निर्मित ओपन थिएटर का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने झुमका जलाशय में बोटिंग करते हुए क्षेत्र के मनोहारी प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लिया तथा यहां विकसित की गई पर्यटन सुविधाओं का अवलोकन किया। शिकारा की सवारी कर जाना सुविधाओं का हाल मुख्यमंत्री ने झुमका जलाशय में शिकारा पर सवार होकर नौका विहार किया। चारों ओर हरियाली, शांत जलराशि और कमल के फूलों से सजा यह रमणीय स्थल अब एक आकर्षक...

4 Feb

Five Lotus Indo – German Wellness Centre: A mindful journey along the Sirpur-Barnawapara Tourism Circuit

Chhattisgarh’s Sirpur-Barnawapara Tourism Circuit is steadily moving beyond conventional sightseeing, emerging as a destination rooted in wellness, heritage, and eco-tourism. Strengthening this vision, Dhaskud Nest has joined hands with Five Lotus Indo-German Wellness Centre to introduce a thoughtfully curated Retreat Tour Package designed for mindful and experience-driven travelers. Located at Raitum, near the Barnawapara Wildlife Sanctuary, the Five Lotus Indo-German Wellness Centre, in collaboration with Dhaskud Nest, has launched a 3 Nights and 4 Days retreat package that blends natural healing, meditation, cultural exploration, and nature-based tourism. The initiative aims to...

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27 Jan

सनातन संस्कृति और विरासत से जुड़े सभी प्राचीन धरोहरों का होगा संरक्षण – राजेश अग्रवाल

नगर पंचायत मल्हार में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने देउर मंदिर और पातालेश्वर मंदिर परिसर तथा संग्रहालय का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मंदिरों की प्राचीन संरचना, मूर्तियों की स्थिति और संग्रहालय में रखे ऐतिहासिक अवशेषों का जायजा लिया। मंत्री ने स्थानीय अधिकारियों और पुरातत्व विभाग के अधिकारियों के साथ चर्चा की तथा संरक्षण कार्यों की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। यह निरीक्षण प्रदेश सरकार की सनातन संस्कृति और ऐतिहासिक धरोहरों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मल्हार क्षेत्र अपनी प्राचीन मंदिरों और विरासत...

surya
24 Jan

बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य में टीम इंडिया के खिलाड़ियों ने लिया जंगल सफारी का आनंद

भारत और न्यूजीलैंड के बीच रायपुर में होने वाले टी-20 मुकाबले से भारतीय क्रिकेट टीम के शीर्ष खिलाड़ियों ने छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार जिले स्थित प्रसिद्ध बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य का भ्रमण किया। व्यस्त मैच शेड्यूल के बीच खिलाड़ियों के लिए यह सफारी अनुभव सुकून और ताजगी से भरपूर रहा। खुले जीप सफारी में सूर्यकुमार यादव, संजू सैमसन, वरुण चक्रवर्ती, रिंकू सिंह और कुलदीप यादव ने अभयारण्य की प्राकृतिक सुंदरता और समृद्ध जैव-विविधता को करीब से देखा। हरियाली, शांत वातावरण और वन्यजीवों को देखकर खिलाड़ी काफी उत्साहित नजर आए। इस अवसर पर सीसीएफ...

21 Jan

माओवाद पर अंकुश के बाद पर्यटकों से गुलजार हुआ बस्तर

कभी बंदूक की आवाज और डर के साये में सिमटा बस्तर अब शांति, हरियाली और पर्यटन की नई कहानी कह रहा है। जिन जंगलों को लंबे समय तक माओवाद असुरक्षा से जोड़ा गया, वही जंगल आज सैलानियों के लिए सुकून और रोमांच का पता बनते जा रहे हैं। माओवाद पर प्रभावी नियंत्रण के बाद बस्तर ने न सिर्फ हालात बदले हैं, बल्कि अपनी पहचान भी नए सिरे से गढ़ी है। घने जंगल, ऊंचे पहाड़, झरनों की गूंज और आदिवासी संस्कृति की सरलता अब देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित कर रही है।...