पातालपानी जलप्रपात – एक रोमांचक और आकर्षक स्थल
पातालपानी जलप्रपात भारत के मध्य प्रदेश राज्य में इंदौर जिले की महू तहसील में स्थित है। झरना लगभग 300 फीट ऊंचा है। पातालपानी के आसपास का क्षेत्र एक लोकप्रिय पिकनिक और ट्रेकिंग स्थल है। पानी का प्रवाह वर्षा के मौसम के तुरंत बाद (आमतौर पर जुलाई के बाद) सबसे अधिक होता है। गर्मी के मौसम में यह लगभग सूख जाता है, और धारा कम हो जाती है। इस जलप्रपात को देखने के लिए आपको इंदौर से महोव जाना होगा। महोव स्थानीय रेलवे स्टेशन से उपलब्ध है और आप टैक्सी या बस...
दो दिवसीय आर्ट, लिट्रेरेचर एंड फिल्म फेस्टिवल
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आर्ट, लिट्रेरेचर एंड फिल्म फेस्टिवल आज से यानी 14 अक्टूबर से दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में शुरू हो गया है। बताया जा रहा है कि कला, साहित्य एवं फिल्म को लेकर एक ही मंच पर आयोजित किए जाने वाला यह देश एवं छत्तीसगढ़ की पावन धरा पर पहली बार हो रहा है जिसमें कला, साहित्य, फिल्म, चित्रकारी, हस्तशिल्प से जुड़े कलाकार अपने-अपने अनुभव साझा करेंगे। छत्तीसगढ़ी थीम पर आयोजित होने वाले इस कार्यकम में 5 भाषा के लगभग 100 वक्त 14 व 15 अक्टूबर 2022 को...
चित्रधारा जलप्रपात : बस्तर की सुंदरता अद्भुत नमूना
बस्तर में झरनों की एक श्रृंखला है, उनमें से कई बारहमासी हैं, जबकि कुछ गर्मियों के दौरान पानी से वंचित हैं, लेकिन बारिश और सर्दियों के दौरान उनकी सुंदरता अद्वितीय है। चित्रधारा बाद की श्रेणी में आता है।चित्रधर झरना बस्तर की सुंदरता का एक अद्भुत नमूना है। चित्रकोट झरने के रास्ते पर, एक छोटी सी पहाड़ी के घाटी के माध्यम से एक छोटी नदी बहती है और यह किसानों की सोपानी पात की शुरुआत है। इस कारण से, बारिश के दौरान पानी होता है लेकिन गर्मियों में, इसकी उत्कृष्टता फीकी...
झीलों का शहर भोपाल
भोपाल को झीलों के शहर के रूप में जाना जाता है, अगर आप भोपल भोजपुर, भीमबेटिका, सांची, इस्लामनगर, समसगढ़, आदि के पास के पर्यटन स्थलों की यात्रा करना चाहते हैं, तो आप यहाँ घूमने के लिए जा सकते हैं। यह शहर पुरानी और आधुनिक वास्तुकला का मिश्रण है। भोपल में पर्यटकों के लिए कई जगह हैं जैसे कि ऊपरी झील, निचली झील, बिड़ला मंदिर, वन विहार, भारत भवन, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय, मनु भानु की टेकरी, गुफा मंदिर, ताज-उल-मस्जिद, जामा मस्जिद, गौहर महल, शौकत महल, क्षेत्रीय विज्ञान केंद्र,...
संगमरमर की चट्टानों से निकलता धुआंधार जलप्रपात
धुआंधार जलप्रपात जबलपुर ही नहीं, बल्कि पूरे मध्यप्रदेश का एक महत्मपूर्ण पर्यटन स्थल है। 10 मीटर की ऊंचाई से गिरने वाले इस प्रपात की छटा अनुपम है। इसकी उत्पत्ति नर्मदा नदी से होती है। यह सुरम्य प्रपात प्रसिद्ध संगमरमर की चट्टानों से निकलता है। यह प्रपात जब बड़ी धारा के साथ गिरती है तो पानी के गिरने की आवाज काफी दूर से सुनाई देती है। इस प्रपात के गिरने से उस स्थान पर कुहासा या धुंआ सा बन जाता है। इसलिए इसे धुआंधार जलप्रपात कहा जाता है। सुंदरता के लिहाज...
ऋषिकेश – खूबसूरत जगह
अगर आप एडवेंचर के शौकीन हैं तो यह जगह आपके लिए बेस्ट साबित हो सकती है। क्योंकि आप यहां राफ्टिंग, कैंपिंग और बंजी जंपिंग जैसे एडवेंचर्स चीजों का लुफ्त उठा सकते हैं। इसके अलावा ऋषिकेश में आप अन्य खूबसूरत जगह भी देख सकते हैं। ऋषिकेश में आपको कई वॉटरफॉल भी देखने को मिलेंगे। इसमें गुरुडचट्टी वॉटरफॉल, नीर गढ़ वॉटरफॉल, हिमशैल वॉटरफॉल, पटना वॉटरफॉल मुख्य हैं।ऋषिकेश के अन्य आकर्षण लक्ष्मण झूलागंगा नदी के एक किनार को दूसर किनार से जोड़ता यह झूला नगर की विशिष्ट की पहचान है। इसे विकतमसंवत 1996 में...
सिरपुर – ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक महत्ता
अंतराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर सिरपुर अपनी ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक महत्ता के कारण आकर्षण का केंद्र हैं। यह पांचवी से आठवीं शताब्दी के मध्य दक्षिण कोसल की राजधानी थी। यह स्थल पवित्र महानदी के किनारे पर बसा हुआ हैं। सिरपुर में सांस्कृतिक एंव वास्तुकौशल की कला का अनुपम संग्रह हैं। पुरातन काल (सोमवंशी राजाओ का काल) में सिरपुर को `श्रीपुर` के नाम से जाना जाता था तथा यह दक्षिण कोसल की राजधानी थी भारतीय इतिहास में अपने धार्मिक मान्यताओ और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के कारण आकर्षण का केन्द्र था। इस स्थान पर...
विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा में जुड़ेगा नया रस्म
बस्तर दशहरा में अब आगामी वर्ष से एक नया रस्म जुड़ेगा। बस्तर दशहरा में चलने वाले रथ के निर्माण के लिए लगने वाली लकडिय़ों की क्षतिपूर्ति के लिए अब हर वर्ष साल और बीजा के पौधे लगाने का कार्य करने के साथ ही इसे बस्तर दशहरा के अनिवार्य रस्म में जोड़ा जाएगा। यह घोषणा सांसद एवं बस्तर दशहरा समिति के अध्यक्ष दीपक बैज ने मारकेल में बस्तर दशहरा रथ निर्माण क्षतिपूर्ति पौधरोपण कार्यक्रम की। इस अवसर पर सांसद श्री दीपक बैज ने कहा कि बस्तर दशहरा सामाजिक समरसता के साथ...
भारत के मशहूर चिडिय़ाघर…बच्चों के साथ घूमे
वीएंड पर अक्सर आपको कहीं घूमने जाने का मन तो करता ही होगा, और बच्चे तो गार्डन या चिडिय़ाघर जाने की जिद करते ही होंगे। बच्चों के लिए चिडिय़ाघर उनकी पसंदीदा जगह होती है, जहां उन्हें हर तरह के जानवर देखने को मिलते हैं, जो अक्सर वे किताबों पर फोटो के रूप में देखते हैं। इसलिए हम आपको आज बताने जा रहे हैं, भारत के ऐसे मशहूर चिडिय़ाघर के बारे में, जिनके बारे में शायद आप भी जानते ही होंगे। इंदिरा गांधी जूलॉजिकल पार्कविशाखापट्टनम, आंध्र प्रदेश का इंदिरा गांधी जूलॉजिकल पार्क...
कसौली – हिमाचल का पहाड़ी इलाका
कसौली, हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में है। पहाड़ी इलाके, हिमालय के खूबसूरत नजारे, माल रोड और भारतीय शैली की वास्तुकला का मिश्रण कसौली को पोस्टकार्ड जैसा लुक देते हैं। यहाँ घूमने के लिए मंकी पॉइंट, बैपटिस्ट चर्च और गुरुद्वारा श्री बालक नाथ मंदिर जैसी जगह को एक्सप्लोर कर सकते हैं। कसौली कैसे पहुंचे ?...